भिवानी। हाईवे पर गड्ढों से वाहनों का सफर खतरनाक हो गया है। अचानक तेज रफ्तार वाहन सड़क के गड्ढों की वजह से असंतुलित होकर हादसों का शिकार हो रहे हैं। दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे पर सड़क का निर्माण चल रहा है, लेकिन हाईवे अथॉरिटी ने खतरनाक मोड पर काम अधूरा छोड़ दिया है।
हाईवे की अधिकांश सड़क चकाचक हो चुकी है। जिस पर वाहन भी सरपट दौड़ लगा रहे हैं, अचानक ही कुछ हिस्से में ये खस्ताहाल सड़क तेज रफ्तार वाहनों के सफर को बेहद खतरनाक और हादसा संभावित भी बना रही है। हालांकि जिस हिस्से में सड़क अधूरी पड़ी है। वहां हादसा संभावित बिंदु है, जहां पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। मई में ही वाहन असंतुलित होकर सड़क किनारे खड़े पेड़ से टकराने के दो दर्दनाक हादसे भी हो चुके हैं, जिसमें युवकों ने अपनी जान भी गंवाई हैं, मगर इसके बावजूद विभागीय अधिकारी कोई सबक नहीं ले रहे हैं।
दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे 709ई पर दो चरण में सड़क जीर्णोद्धार का काम चल रहा है। एक चरण में धीराना मोड से ढिगावा मंडी तक करीब 34 किलोमीटर लंबी सड़क पर स्ट्रेंथनिंग का काम हो रहा है। इसी तरह दूसरे चरण में नेशनल हाईवे का शहर के अंदर से होकर गुजरने वाला करीब चार किलोमीटर का हिस्सा शामिल है। इसमें लोहारू रोड के घग्घर ड्रेन से रेलवे ओवरब्रिज होकर सरकुलर रोड नया बस स्टैंड तक का क्षेत्र शामिल है। शहर के कुछ हिस्से में सीसी पैटर्न पर सड़क भी बन रही है। हाईवे के लोहारू रोड भिवानी-घग्घर ड्रेन के पास का हिस्सा अभी भी खस्ताहाल है। यहां सड़क के दोनों तरफ गहरे गड्ढे बने हैं, जो रफ्तार से दौड़ने वाले वाहनों के लिए कभी भी जान लेवा साबित हो सकते हैं।
हाईवे पर अवैध कट बन सकते हैं हादसों की वजह
नेशनल हाईवे के दायरे में आने वाले लोहारू रोड पर देवसर चुंगी से लेकर भिवानी घग्घर ड्रेन तक डिवाइडर के बीच में भी अवैध कट बने हैं, ये भी हादसों की संभावनाओं को बढ़ा रहे हैं। हालांकि कुछ अवैध कट तो बंद किए जा चुके हैं। हाईवे पर हवा सी रफ्तार से वाहन दौड़ते हैं। अवैध कट को क्रॉस कर वाहन एक लाइन से दूसरी लाइन में अचानक ही घुस जाते हैं, ऐसे में दूसरे वाहनों से टकराने का खतरा बना रहता है। रात के समय तो हादसों की संभावना ज्यादा रहती है।
ये हो चुके हैं हादसे
लोहारू सतनाली मार्ग पर 21 मई को एक बोलेरो गाड़ी असंतुलित होकर कीकर के पेड़ से जा टकराई थी। इस सड़क हादसे ने शादी समारोह की खुशियों को मातम में बदल दिया और दो युवाओं ने जान गंवाई थी। तीन गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसी तरह मई में ही जमालपुर लिंक रोड दुर्घटना संभावित बिंदु पर बाइक का अचानक संतुलन बिगड़ा और खंभे से टकरा गई। इस हादसे में पत्नी की मौत हो गई थी, जबकि पति गंभीर रूप से जख्मी हुआ था।
जिले में हैं 26 से अधिक दुर्घटना संभावित बिंदु
भिवानी जिले में 26 से अधिक दुर्घटना संभावित बिंदु हैं। जहां हर साल औसतन सबसे अधिक सड़क हादसे होते हैं। इनमें सबसे अधिक भिवानी-हांसी मार्ग पर है। फिलहाल इस मार्ग को भी फोरलेन किया जा रहा है। जबकि हादसा संभावित बिंदुओं में दूसरा नंबर दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे का आता है। इस पर भी कई ऐसे दुर्घटना संभावित बिंदु हैं, जहां हर साल औसतन सबसे अधिक सड़क हादसे होते हैं। इनमें देवसर मोड़, कुसुंभी मोड बालाजी कॉलेज शामिल हैं।
फिलहाल हाईवे पर सड़क निर्माण का काम चल रहा है। कंस्ट्रक्शन एजेंसी को जनवरी 2024 तक सड़क निर्माण की मोहलत है। दुर्घटना संभावित बिंदुओं पर हाईवे अथॉरिटी ने संकेतक और स्पीड ब्रेकर भी बनाए हैं, ताकि हादसों को रोका जा सके।
-वीर विक्रम एसडीओ दिल्ली पिलानी नेशनल हाईवे अथॉरिटी रोहतक मंडल।