भिवानी की डॉबर कॉलोनी स्थित जलघर की मोटर को ठीक करते अभियंता।
भिवानी। डाबर कॉलोनी स्थित जलघर की मोटर 72 घंटे तक खराब रही। पार्षदों और शहर के लोगों के दबाव के बाद जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने रिवाइंडिंग करवा रविवार को 175 एचपी की मोटर लगा दी। इसके सहारे तीन दिन बाद रविवार शाम करीब आधे शहर में पेयजल आपूर्ति की गई। अब सोमवार से सभी इलाकों में पानी की नियमित आपूर्ति होने की उम्मीद है। मोटर की जांच में पानी का दबाव पूरा होने पर तकनीकी कर्मचारियों ने राहत की सांस ली।
करीब तीन दिन पहले तीन के बजाय मात्र दो फेज में लाइट आने की वजह से पौने दो सौ एचपी की मोटर खराब हो गई। उसके बाद से आधे शहर की पानी की आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई। पार्षद सुभाष तंवर और संदीप यादव ने मोटर दुरुस्त करवाने के लिए कार्यालय के चक्कर लगाए।
उनके दबाव पर जनसमस्या सुलझाने के लिए विभागीय अधिकारियों ने मोटर रीवाइंडिंग के लिए भेज दी। जो कि रीवाइंडिंग होकर शनिवार शाम तक मिल गई। मोटर पहुंचते ही जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारी पानी की आपूर्ति चालू करने की जुगत में लग गए। रविवार दोपहर तक मोटर सेट कर जांच में पास हुई। जेई ताजदीन ने कहा कि जलघर में मोटर ठीक हो चुकी है। अब सोमवार से नियमित पेयजल आपूर्ति मिलने लगेगी।
सोमवार दोपहर तक नियमित हो पाएगी आपूर्ति : सुभाष तंवर
पार्षद सुभाष तंवर ने बताया कि विभागीय अधिकारियों की बात की गई है, उन्हें यकीन है कि सोमवार दोपहर तक पीने के पानी की आपूर्ति दुरुस्त हो पाएगी। क्योंकि अगर रविवार शाम चार बजे भी मोटर से पानी छोड़ना शुरू किया गया तो सभी बूस्टरों तक पानी पहुंचाने में पूरी रात लग जाएगी। बूस्टरों के भरने के बाद ही बाहरी इलाकों में पीने के पानी की आपूर्ति चालू होगी। बूस्टरों में पानी पहुंचने के बाद बाहरी और अंदरूनी शहर में पीने के पानी की आपूर्ति शुरू होगी।
अतिरिक्त मोटर न होने की वजह से बनी समस्या : संदीप यादव
पार्षद संदीप यादव ने बताया कि डाबर जलघर में अतिरिक्त मोटर उपलब्ध नहीं है। एक मोटर खराब होने से पहले यहां की एक मोटर पहले ही खराब पड़ी है। उस मोटर को रीवाइंडिंग करवाने के लिए मैकेनिक के पास भेजा गया है। जो कि अभी ठीक नहीं हो सकी है। अगर वह मोटर ठीक होती तो शहर के लोगों को तीन दिनों तक पीने के पानी के लिए तरसना नहीं पड़ता। शहर के किसी भी बड़े जलघर में अतिरिक्त मोटर नहीं है। इस कारण आए दिन इसी तरह की समस्या बनी रहती है।