भिवानी। पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि के प्रतीक हरियाली तीज पर्व के उपलक्ष्य में दिनोद गेट स्थित सेठ मूलचंद झील परिसर में आयोजित दो दिवसीय हरियाली तीज एवं सिंधारा महोत्सव का रंगारंग समापन सोमवार को उल्लासपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। सिद्धपीठ लाल महादेव अखाड़े वाले बाबा के सान्निध्य में आयोजित इस महोत्सव के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया। समापन के अवसर पर शाम 7:15 बजे आरती की गई और प्रसाद वितरित किया गया।
दो दिवसीय आयोजन में महिलाओं का उत्साह देखते ही बनता था। वे पारंपरिक परिधान पहनकर सज-धजकर पहुंचीं, मेंहदी लगवाई, झूले का आनंद लिया और ढोलक की थाप पर पारंपरिक गीतों पर थिरकते हुए त्योहार का भरपूर आनंद उठाया। कार्यक्रम में हरियाणा की पारंपरिक मिठाइयां जैसे सुवाली, गुलगुले, सेवइयां, सेल, पूड़े और पताशे भी वितरित किए गए। कार्यक्रम के समापन पर विधायक घनश्याम सर्राफ एवं उनकी धर्मपत्नी प्रेमलता सर्राफ विशेष रूप से पहुंचे। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे पर्व हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखते हैं और सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं।
प्रबंधक समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि तीज व्रत का धार्मिक महत्व भी गहरा है। मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए यह व्रत किया था। इस व्रत से पति की दीर्घायु, संतान प्राप्ति और शिव-पार्वती जैसे सौभाग्य की प्राप्ति होती है। विधायक की धर्मपत्नी प्रेमलता सर्राफ ने कहा कि हरियाली जीवन की प्रफुल्लता और आनंद का प्रतीक है। तीज जैसे पर्व न केवल आनंद का अवसर देते हैं, बल्कि हमें अपनी परंपराओं से जोड़ते हुए आपसी प्रेम और सौहार्द को भी बढ़ाते हैं।