भिवानी। सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह ने अपने निवास स्थान पर जनसंवाद कार्यक्रम के तहत उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि खेती में कीटनाशकों और रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग ने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है।
इन कीटनाशकों और रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से आज जमीन अत्यधिक विषाक्त हो रही है, जिसके कारण प्रत्येक जीव की प्रजनन क्षमता प्रभावित हो रही है और यह आने वाली पीढ़ियों एवं जीवों की प्रजातियों के अस्तित्व के लिए बड़ा खतरा है।
सांसद धर्मबीर सिंह ने कहा कि हरित क्रांति के बाद उत्पादन तो बढ़ा, लेकिन हमने अपनी धरती माता के स्वास्थ्य का ध्यान नहीं रखा। आज एक बोरी यूरिया और एक बोतल पेस्टीसाइड के बिना किसान खेती की कल्पना नहीं करता। इसका परिणाम है कि जमीन की उर्वरा शक्ति खत्म हो गई है, केंचुए मर गए हैं और जमीन पत्थर जैसी कठोर होती जा रही है।
उन्होंने कहा कि इसके दुष्परिणाम अब सीधे हमारी थाली में आ रहे हैं। केमिकल युक्त अनाज और सब्जियां खाने से कैंसर, किडनी और लीवर जैसी घातक बीमारियां गांव-गांव में फैल रही हैं। साथ ही जहरीला पानी जमीन में जाकर भूजल को भी दूषित कर रहा है।