चाचा के इशारे पर भतीजे ने साथी संग मिलकर की थी स्कूल संचालक की हत्या
पहले गला घोंटकर की थी हत्या, फिर झाड़ियों में जलाया था शव
हत्या के शोकस्वरूप बंद रही सर्राफा मार्केट
जवाहर चौक में एकत्रित होकर व्यापारियों ने जताया रोष
अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। दो दिन पहले संदिग्ध हालत में लापता हुए निजी स्कूल संचालक एवं फाइनेंसर नरेंद्र प्रभाकर की हत्या कर दी गई। कल सुबह पुर गांव के पास जली हालत में मिला शव नरेंद्र प्रभाकर का ही था। इसकी पुष्टि सोमवार को हुई। हत्या के विरोध में दिनभर सर्राफा मार्केट बंद रही। हत्या के पीछे एक करोड़ रुपये का लेन-देन बताया जा रहा है। इसी विवाद के चलते प्रभाकर की गला घोंट कर हत्या की गई और बाद में शव को जलाया गया। पुलिस ने हत्या के आरोप में मुंढाल कस्बे के रहने वाले चाचा-भतीजे और उनके साथ को काबू कर लिया है। इस बीच, शत-प्रतिशत जल चुके शव का पीजीआई में पोस्टमार्टम हुआ।
शहर के शिव नगर में एमडी स्कूल संचालक और फाइनेंस का काम करने वाले नरेंद्र प्रभाकर (62) संदिग्ध हालत में महम गेट स्थित एक अस्पताल से लापता हो गए थे। परिजनों ने मुंढाल के एक युवक पर अपहरण का आरोप लगाया। इसके बाद पुलिस ने रात को ही मुंढाल में दबिश दी। पुलिस ने मामले में मुंढाल से ही तीनों आरोपियों को काबू किया। पुलिस ने खुलासा किया कि मुंढाल वासी सौरण का नरेंद्र प्रभाकर के साथ लेन-देन था। इसी लेन-देन के चलते सौरण ने अपनी करीब छह एकड़ जमीन भी नरेंद्र प्रभाकर के नाम कर दी। मगर, सौरण ने यही जमीन अपने भतीजे सुनील के नाम भी की। इस पर नरेंद्र प्रभाकर ने कोर्ट केस किया। इसी लेन-देन के चलते सौरण ने नरेंद्र प्रभाकर की हत्या का प्लान बनाया। चाचा की इस योजना को सुनील शर्मा ने गांव के ही एक व्यक्ति हंसराज उर्फ खिन्नी के साथ मिलकर अंजाम दिया।
अपहरण के एक घंटे बाद की हत्या, देर रात जलाया शव
डीएसपी अशोक बख्शी ने इस मामले का खुलासा किया। बकौल डीएसपी, हत्या की योजना सौरण ने बनाई। मगर कोर्ट केस के चलते नरेंद्र प्रभाकर उसकी बातों में नहीं आ रहा था और न ही सौरण को हत्या का मौका मिल रहा था। सुनील शर्मा का भी नरेंद्र प्रभाकर के साथ लेन-देन था। इसी बात का सौरण ने फायदा उठाया और सुनील के साथ हत्या की योजना बनाई। योजना के तहत सुनील महम गेट स्थित अस्पताल में जिसमें नरेंद्र प्रभाकर के पिता एडमिट थे वहां पहुंचा। बातों में लगाकर वह कार से नरेंद्र प्रभाकर को वहां से ले गया। वहां से नरेंद्र का अपहरण करने के बाद तिगड़ाना के पास रस्सी से गला घोंटकर सुनील और हंसराज ने उसकी हत्या की। हत्या अपहरण के करीब एक घंटा बाद की गई। इसके बाद वे शव को लेकर चांग की ओर गए। यहां खेतों में शव को खुर्दबुर्द करने की प्लानिंग बनाई, मगर खेतों में किसान काम करते मिले। कुछ अन्य खेतों में भी गए मगर हर जगह किसान खेतों में काम करते मिले। इसके बाद दोनों पुर गांव में तालू मार्ग पर सड़क किनारे झाड़ियों, सरकंड़ों में शव डालकर आग लगा दी।
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सर्राफा मार्केट बंद, पीजीआई में हुआ पोस्टमार्टम
मृतक स्कूल संचालक नरेंद्र प्रभाकर के भाइयों की सर्राफा मार्केट में भी तीन दुकानें है। सोमवार को नरेंद्र प्रभाकर की मौत के शोक में सर्राफा मार्केट जवाहर चौक पूरी तरह बंद रही। दुकानदारों ने हत्या पर शोक जताया। उधर शव पूरी तरह जला होने के कारण पोस्टमार्टम के लिए पीजीआई रोहतक रेफर किया गया। दोपहर बाद शव का पोस्टमार्टम हुआ। पीजीआई में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
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वर्जन:::
स्कूल संचालक व फाइनेंसर नरेंद्र प्रभाकर का मुंढाल वासी सुनील और हंसराज खिन्नी ने अपहरण किया और गला घोंटकर हत्या की। शव को सड़क किनारे जलाया। जमीन और रुपयों के लेन-देन में हत्या की गई। हत्या की प्लानिंग सुनील के चाचा सौरण की थी।
- अशोक बख्शी, डीएसपी
हेड क्वार्टर