बुजुर्ग उठा तो उसे मारा, महिला उठी तो उसे मारा, बच्चे की नींद नहीं खुली तो बचा
हम सब खाना खाकर रात 10 बजे ही सो गए थे। रात को थोड़ी आवाज सुनकर नींद खुली तो एक भूरे रंग के बदमाश ने हमला कर दिया। मेरे मुंह पर मुक्के ही मुक्के मारे। मेरे कानों की बालियां तोड़ ली। हमला होने से पहले देखा तो एक भूरे रंग का लड़का था, जिसे साइड से देखा। सामने से देखती तो पहचान लेती। वह बेहोश हो गई। होश आने के बाद बाहर जाकर देखा तो बाथरूम के पास मेरे पति सूबे सिंह मृत पड़े थे। यह कहना है बदमाशों की शिकार बुजुर्ग महिला कृष्णा का।
बेटों से अलग प्लॉट में रह रहे पूर्व सैनिक और उसकी पत्नी पर चोरी में बाधा बनने पर बदमाशों ने हमला किया गया। दरअसल चोरी कर रहे बदमाशों की आवाज सुनकर सबसे पहले बुजुर्ग पूर्व सैनिक सूबे सिंह की आंख खुल गई। जिस पर बदमाशों ने रॉड से उसके सिर पर हमला किया। जिसमें बुजुर्ग की मौत हो गई।
आवाज सुनकर सूबे सिंह की पत्नी कृष्णा की नींद खुली तो बदमाशों ने उस पर हमला कर दिया। जिससे वह बेहोश हो गई। दोनों को मृत समझ बदमाश घर से संदूक व अन्य सामान चोरी कर भाग निकले। बुजुर्ग महिला के पास ही उसका करीब 10 वर्षीय पोता केशव भी सो रहा था, जिसकी नींद नहीं खुली और शायद इसी कारण वह बदमाशों से बच गया। घर से चोरी कागजात, संदूक पुलिस ने सामने ही स्थित गांव के कन्या सरकारी स्कूल से बरामद किया।
सेवानिवृत्त फौजी व यूडीसी रिटायर सूबे सिंह अपने बेटों के परिवार से अलग प्लॉट में सोता था। घर और प्लॉट के बीच करीब 100 मीटर की दूरी है।
प्लॉट के सामने ही सरकारी कन्या स्कूल है। चोरी की नीयत से घर में घूसे बदमाशों ने रात को सूबे सिंह के परिवार को निशाना बनाया। सूबे सिंह की नींद खुली तो उस पर रॉड व लाठी से हमला कर मौत के घाट उतारा। उसकी पत्नी कृष्णा की नींद खुली तो हमला कर उसे बेहोश कर दिया। बताया जाता है कि हमलावर तीन थे। वारदात के बाद एफएसएल टीम, थाना पुलिस के अलावा एडीजीपी ममता सिंह, पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह ने भी मौके का निरीक्षण किया।
सेना से रिटायर्ड होने के बाद सूबे सिंह ने की थी बिजली बोर्ड में नौकरी
गांव जाटूलुहारी निवासी सूबे सिंह भूतपूर्व सैनिक था। उसने सेना से सेवानिवृत्ति के बाद बिजली बोर्ड में बतौर यूडीसी काफी सालों तक नौकरी की। इस पद से भी सूबे सिंह रिटायर्ड हो चुका था। जिसके बाद वह दोनों ही पेंशन ले रहा था। उसके तीन बच्चे थे। उसका बड़ा लड़के संजय की कई साल पहले ही मृत्यु हो चुकी थी। उसका छोटा बेटा दीपक गांव में ही खेतीबाड़ी करता है जबकि उसकी बेटी शादीशुदा है। बुजुर्ग सूबे सिंह की दो पेंशन से परिवार का सहारा बनी थी। बुजुर्ग की मौत से पूरा परिवार सदमे में है।
पोते को कुछ हो जाता तो वंश पर आ जाती दिक्कत
सेवानिवृत्त फौजी की हत्या के बाद गांव में जहां डर का माहौल है, वहीं पुलिस के प्रति रोष भी है। ग्रामीणों का कहना है कि सेवानिवृत्त फौजी सूबे सिंह की मौत का तो दुख है ही अगर उसके पोते के साथ कोई अप्रिय घटना हो जाती, तो परिवार ही खत्म हो जाता। सूबे सिंह के दो बेटे है। बड़े बेटे संजय का करीब आठ वर्ष पूर्व निधन हो चुका है और उसकी दो बेटियां है। छोटे बेटे दीपक के दो बेटियां महिला और गरिमा व एक बेटा केशव है। केशव को कुछ हो जाता तो परिवार में सिर्फ बेटियां ही बचती। ग्रामीण दीपेश ने बताया कि चोरी और बुजुर्ग दादा की हत्या, दादी पर हमले की घटना बताती है कि बदमाश कितने बेखौफ है और पुलिस प्रशासन फेल। गांव का हर आदमी इस घटना के बाद डरा हुआ है।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि चोरी की नीयत से बदमाश घर में घूसे और सेवानिवृत्त फौजी सूबे सिंह के उठने पर उसकी हत्या की। बुजुर्ग महिला पर भी हमला किया। चोरी किया गया बख्शा मकान के सामने ही स्कूल के पास मिला है। मामले की हर एंगल से जांच कर रहे है। एडीजीपी ममता सिंह भी इसी केस के सिलसिले में मौका देखने आई थी। हमारा प्रयास है कि जल्द से जल्द बदमाश पकड़े जाए। - अजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक, भिवानी।