भिवानी में एनडीपीएस एक्ट के मुकदमे में फंसे युवक को केस कमजोर कर उसे बचाने के नाम पर तीन लाख रुपये लेते हुए हिसार और भिवानी विजिलेंस की संयुक्त टीम ने एक बिचौलिये महिला पार्षद पति को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।आरोपी बिचौलिया भिवानी के सीआईए प्रथम में तैनात हैड कांस्टेबल राजीव के कहने पर आरोपी युवक के भाई से तीन लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए हिसार-राजगढ़ रोड पर पवन टी-स्टॉल के समीप रंगे हाथ धरा गया।
पुलिस ने आरोपी के पास से पांच-पांच सौ के 600 पॉउडर लगे नोट भी बरामद किए हैं। वहीं उसे रविवार को भिवानी न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आरोपी को जेल भेजा गया है। भिवानी विजिलेंस ने आरोपी हैड कांस्टेबल राजीव व रिश्वत की राशि लेने वाले बिचौलिये जयवीर ढाका के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। सीआईए प्रथम का हैड कांस्टेबल अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर है।
भिवानी विजिलेंस के इंचार्ज निरीक्षक कुलवंत सिंह ने बताया कि राजस्थान के चूरू जिला के गांव चांदगोठी निवासी अशोक कुमार ने भिवानी विजिलेंस को शिकायत दी थी। उसने बताया था कि भिवानी सीआईए प्रथम ने सुभाष नामक व्यक्ति को एनडीपीएस के केस में पकड़ा था। इस केस में उसके भाई राजेश को सीआईए प्रथम ने झूठा फंसा दिया था।
उसके भाई राजेश पर नरमी बरतने और केस ढीला करने के नाम पर भिवानी सीआईए प्रथम में तैनात हैड कांस्टेबल राजीव ने छह लाख रुपये रिश्वत की मांग की थी। इस पर राजीव ने अशोक कुमार को राजस्थान के राजगढ़ वासी जयबीर ढाका से मिलवाया था। जयबीर ढाका और एचसी राजीव की काफी अर्से से सांठगांठ थी।
दोनों आरोपियों ने अशोक कुमार के साथ उसके भाई राजेश पर एनडीपीएस केस में बचाने और उसके साथ नरमी बरतने के नाम पर तीन लाख रुपये में सौदा तय हो गया। जिसके बाद अशोक कुमार की सूचना पर भिवानी विजिलेंस की टीम ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट भिवानी डिपो के रोडवेज महाप्रबंधक डॉ नेत्रपाल खत्री की अगुवाई में हिसार विजिलेंस के साथ संयुक्त रूप से हिसार-राजगढ़ मार्ग पर पवन टी स्टॉल पर बिचौलिये जयबीर ढाका को अशोक कुमार से रिश्वत के तीन लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथ धर दबोचा।
आरोपी से पुलिस ने रिश्वत के पांच-पांच सौ के 600 पाउडर लगे नोट भी बरामद कर लिए। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी जयबीर ढाका राजस्थान मेें ही खेतीबाड़ी का काम करता है। उसकी पत्नी बाला देवी राजगढ़ के वार्ड नंबर दो से महिला पार्षद है।
आरोपी जयबीर ढाका और एचसी राजीव की पिछले काफी अर्से से सांठगांठ भी सामने आई है। टीम में भिवानी विजिलेंस टीम इंचार्ज निरीक्षक कुलवंत सिंह, ड्यूटी मजिस्ट्रेट रोडवेज डिपो महाप्रबंधक डॉ नेत्रपाल खत्री, रोडवेज क्लर्क जयकिशन, एचसी समीर, एचसी परमानंद, एचसी सुखबिंद्र, एचसी प्रदीप, एचसी नरेंद्र शामिल थे।
हमारे पास राजस्थान के चूरू जिले के गांव चांदगोठी निवासी अशोक कुमार की शिकायत आई थी। जिसमें उसने बताया था कि उसके भाई राजेश को एनडीपीएस के झूठे केस में फंसाया गया है। उसका नाम निकालने और उसके साथ सीआईए में नरमी बरतने के नाम पर छह लाख रिश्वत मांगी है, सौदा तीन लाख में तय हुआ। शिकायतकर्ता के साथ आरोपी बिचौलिये जयबीर ढाका को तीन लाख की रिश्वत के साथ रंगे हाथ पकड़ा है। उसे भिवानी न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेजा गया है। वहीं सीआईए प्रथम का हैड कांस्टेबल राजीव अभी फरार है। उसके खिलाफ भी विजिलेंस ने केस दर्ज किया है। जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा।
- निरीक्षक कुलवंत सिंह, इंचार्ज विजिलेंस टीम भिवानी।
मुझे जिला प्रशासन ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया था। आरोपी को राजस्थान के हिसार-राजगढ़ मार्ग पर एक चाय की दुकान के बाहर तीन लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है। ये बिचौलिया है, जबकि रिश्वत मांगने का मुख्य आरोपी हैड कांस्टेबल राजीव अभी फरार है। दोनों के खिलाफ ही भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई की गई है।
- डॉ. नेत्रपाल खत्री, ड्यूटी मजिस्ट्रेट एवं रोडवेज डिपो महाप्रबंधक भिवानी।