सप्ताह भर पूर्व मार्केटिंग बोर्ड के मुख्य प्रशासक की क्षेत्र की बड़ी चार मिलों में मिली अनियमितताओं पर एक्शन लेते हुए चरखी दादरी मार्केटिंग बोर्ड के सचिव ओमबीर लांबा को सस्पेंड कर दिया गया है। अनुमान है कि मिल संचालकों के साथ चली सांठ-गांठ के चलते उन पर गाज गिरी है। इस संबंध में चंडीगढ़ से पत्र भी जारी कर दिया गया है। मुख्य प्रशासक द्वारा 21 जुलाई को जारी आदेशों के अनुसार सस्पेंशन के दौरान सचिव को मार्केटिंग बोर्ड के पंचकूला हैड ऑफिस के मुख्य विपणन प्रवर्तन अधिकारी को रिपोर्ट करना होगा। वहीं, इस प्रकरण में अन्य स्टॉफ सदस्यों की संलिप्ता के कयास लगाए जाने से औरों पर भी गाज गिरने की संभावना है।
गौरतलब है कि क्षेत्र की मिलों में अवैध रूप से स्टॉक की जा रही सरसों की शिकायत पर चंडीगढ़ मार्केटिंग बोर्ड के मुख्य प्रशासक जे गणेशन की अगुवाई में करीब दस सदस्यीय टीम ने 12 जुलाई को छापेमारी की थी। इस दौरान क्षेत्र की सबसे बड़ी चार मिलों में भरी अननियमितताएं सामने आई हैं। इनमें स्टॉक की गई सरसों का रिकार्ड न तो मेनटेन था और न ही चरखी दादरी मार्केटिंग बोर्ड के मार्फत चंडीगढ़ भेजी गई रिकार्ड रिपोर्ट से मेल खा रहा था। मामले की संगीनता को देखते हुए 12 जुलाई की रात को ही चार मिलों को प्रशासनिक टीम ने सील कर दिया था। छापेमारी के ठीक चार दिन बाद तैयार की गई रिपोर्ट में मिल मालिकों से 14 लाख की मार्केटिंग फीस सहित सात लाख रुपये जुर्माना राशि वसूली थी। मिल मालिकों द्वारा जुर्माने की अदायगी के बाद मिलों से सील हटाकर टीम वापिस चंडीगढ़ लौट गई थी। प्रदेश स्तरीय टीम में विभिन्न जिलों व जोन के अधिकारी शामिल थे। मार्केटिंग बोर्ड के मुख्य प्रशासक जे गणेशन ने जिस टीम का गठन किया था उसमें उन्होंने प्रदेश भर के आला अधिकारियों का चयन किया हुआ था। मुख्य प्रशासक की टीम में जेडएमईओ हिसार मंडल निहाल सिंह गोदारा, जेडएमईओ रोहतक मंडल सुनील शर्मा, डीएमईओ कैथल सौरभ चौधरी, डीएमईओ भिवानी शैलेश वर्मा, मार्केट कमेटी सचिव करनाल के अलावा दर्जनभर अन्य अधिकारी भी शामिल थे।