35 लाख लूट मामले में लुटेरों का सुराग जुटाने के लिए पुलिस पीड़ित व्यापारी के घर से घटनास्थल तक जिस दुकान के बाहर कैमरे लगे हैं।
उनकी फुटेज खंगाल रही है। कुछ व्यापारियों ने भी पुलिस की मदद के लिए अपने स्तर पर फुटेज एकत्रित करना शुरू किया। समस्या यह है कुछ दुकानदारों के पास तीन से पांच दिन का ही बैकअप है। बाकी डिलीट हो चुका है। उधर, मामले की जांच का जिम्मा क्राइम ब्रांच हिसार को दिए जाने के कारण व्यापारी भी क्राइम ब्रांच की जांच का इंतजार कर रहे है।
जानकारी के अनुसार जिला पुलिस के तमाम प्रयास के बाद भी लुटेरों का सुराग नहीं लगने पर अब मामले की जांच का जिम्मा क्राइम ब्रांच हिसार को सौंपा गया है।
जिला पुलिस को कोई सबूत नहीं मिलने पर अब क्राइम ब्रांच की टीम घटनास्थल से थोड़ा आगे एक मकान से मिली लुटेरों की फुटेज के साथ अन्य स्थानों की फुटेज की जांच करना चाहती है।
व्यापारी भी पुलिस की मदद के लिए अपने स्तर पर पीड़ित व्यापारी के घर से लेकर घटनास्थल तक मार्ग में पड़ने वाली दुकानों के बाहर लगे कैमरों की फुटेज एकत्रित कर रहे है।
कयास लगाए जा रहे है कि घटनास्थल पर भले ही लुटेरों ने चेहरे ढक रखे हो मगर रास्ते में वे बिना किसी नकाब के मिलेंगे। व्यापारी नेता विनोद छपारिया, भानूप्रकाश ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के लिए दुकानदारों से बातचीत की गई है। मगर समस्या यह है कि अनेक की फुटेज ही डिलीट हो चुकी है।
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लूट के मामले की जांच का जिम्मा क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है। हमारी ओर से सीआईए टीम उनकी मदद कर रही है।
प्रतीक्षा गोदारा, पुलिस अधीक्षक