बोग्स क्लाइंट का सहारा लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने चरखी दादरी में चल रहे भ्रूण लिंग जांच के कारोबार का बुधवार को भंडा फोड़ किया। इस दौरान एक निजी अस्पताल और अल्ट्रासाउंड केंद्र पर छापेमारी भी की गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम को निजी अस्पताल से एमटीपी कीट और गर्भपात में प्रयोग होने वाले औजार बरामद हुए तो वहीं अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालक द्वारा लिंग जांच करने की पृष्टि हुई। दोनों ही मिलकर गैर कानूनी कारोबार चला रहे थे। इस आधार पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दोनों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज करवा दी। कार्रवाई लगातार मिल रही भ्रूण जांच की शिकायतों के आधार पर की गई।
स्वास्थ्य विभाग को पिछले लंबे समय से दादरी में चल रहे भ्रूण जांच रैकेट की शिकायतें मिल रही थी। इन्हीं शिकायतों के आधार पर स्वास्थ्य विभाग की एक टीम ने इसका भंडाफोड़ करने के लिए एक टीम गठित की। टीम ने छापेमारी से पहले एक महिला को बोग्स क्लाइंट बनाकर चरखी दादरी भेजा। इस दौरान मामले में संलिप्त निजी अस्पताल संचालिका से क्लाइंट बनकर आई महिला ने फोन पर बात की। अस्पताल संचालिका ने महिला को बस स्टैंड के समीप स्थित एक जूस कार्नर पर बुलाया। वहां दोनों पक्षों में 20 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। इस दौरान क्लाइंट बनकर आई महिला ने रुपये अस्पताल संचालिका को थमा दिए। इसके बाद वह महिला को लेकर रोज गार्डन के सामने स्थित संजीवनी अल्ट्रासाउंड केंद्र पर ले गई। वहां पर महिला का अल्ट्रासाउंड किया गया। इसके तुरंत बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वहां दबिश दे दी। इस दौरान अल्ट्रासाउंड केंद्र पर एमटीपी कीट भी बरामद हुई। वहां चली पूछताछ के दौरान ही टीम सदस्यों ने आर्य मेटरनिटी अस्पताल पर भी छापा मारा। वहां से टीम को गर्भपात में प्रयुक्त होने वाले औजार व गर्भपात की दवाइयां भी बरामद की। इस आधार पर टीम ने दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी।
तीन बार पहले भी किया जा चुका है अल्ट्रासाउंड केंद्र सील
गुप्त सूचना के आधार पर विभागीय टीम ने कार्रवाई की है। एसएमओ उमेद दिसौदिया, ड्रग इंस्पेक्टर संदीप हुड्डा व नायब तहसीलदार बनवारी लाल की संयुक्त टीम ने वहां छोपमारी कर कार्रवाई की है। क्लाइंट बनाकर भेजी गई महिला ने अल्ट्रासाउंड केंद्र में भ्रूण लिंग जांच की पुष्टि भी की है। आर्य मेटरनिटी अस्पताल से गर्भपात के औजार और अन्य दवाइयां बरामद की है। हमने दोनों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज करवा दी है। जो भी उचित कार्रवाई होगी वो अमल में लाई जाएगी।
डॉ मीणा बर्बर, डिप्टी सीएमओ, भिवानी