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अफसर ने कहा एफआर लगा दो, तो लगा दी

Thu, 10 Mar 2016 12:08 AM IST
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
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नेता और अफसर विवेचनाओं में खेल कराते हैं और फंस जाते हैं आईओ। मंगलवार को प्रेमनगर में तैनात एक दरोगा ने एक ऐसी ही कहानी की पोल खोल दी। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सोनी मलिक और उनके पड़ोसी के विवाद में चार्जशीट लगाने के बाद इसी दरोगा ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। अब दरोगा की गर्दन फंस लगी तो उन्होंने  एएसपी आकाश तोमर को सच्चाई लिखकर भी दे दी और पूरी कहानी भी सुना दी। दरोगा ने लिखा कि यह मामला चार्जशीट लायक है मैंने यही किया था लेकिन आला अफसरों के कहने पर एडीजीसी के मामले में फाइनल रिपोर्ट लगानी पड़ी।
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सिविल लाइंस इलाके में रहने वाली एडीजीसी सोनी मलिक ने 2014 में  80 वर्ग गज जमीन का बैनामा कराया था। सोनी मलिक के पड़ोसी मसूद अहमद ने पीछे से उनकी खरीदी गई जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की, मसूद हरदोई के एक विधायक के रिश्तेदार हैं।विवाद होने पर सोनी मलिक के पति की तरफ से मसूद अहमद, उनकी पत्नी समेत सात व्यक्तियों के खिलाफ कोतवाली में अपराध संख्या 585/2014 में मुकदमा दर्ज हुआ। विवेचना दरोगा राजेंद्र सिंह यादव ने की तो उन्होंने सोनी मलिक के पति के आरोपों की सही मानते हुए मामले में चार्जशीट लगा दी। मामला विधायक के रिश्तेदार से जुड़ा था। उन्होंने लखनऊ में एक बड़े अफसर से केस की पैरवी कराई। तत्कालीन एसपी सिटी ने  विवेचक को घर बुलाकर चार्जशीट कैंसिल करके दोबारा विवेचना करने को कहा। इसके बाद दरोगा ने विवाद के बीच हुए एक समझौते का सहारा लेकर उसी मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगाकर केस को बंद कर दिया। सोनी मलिक को जब  इस बात का पता लगा तो उन्होंने मुकदमे की पैरवी करनी शुरू कर दी। एसएसपी धर्मवीर यादव ने दरोगा को लाइन हाजिर करके तत्कालीन एसपी सिटी से भी नाराजगी जताकर पूरा मामला सीओ तृतीय को पड़ताल के लिए सौंप दिया था। विवेचना करने वाले दरोगा पुलिस लाइंस से सीबीगंज गए और  इन दिनों प्रेमनगर में तैनात हैं। वर्तमान में सीओ तृतीय का कामकाज आईपीएस अफसर आकाश तोमर देख रहे हैं। एएसपी ने दरोगा को बयान लेने के लिए बुलाया तो उन्होंने साफ कह दिया कि मुझसे तो अफसरों ने दबाव बनाकर फाइनल रिपोर्ट लगवाई है। हालांकि मामला चार्जशीट के लायक ही था। इसलिए उन्होंने पहले इस मामले में चार्जशीट ही लगाई थी। दरोगा की बात सुनकर एएसपी भी हैरान रह गए। दरोगा ने बयान देने के साथ यह सब बातें एएसपी को लिखकर भी दी हैं। 
 

-मैने आला अफसरों के कहने पर सोनी मलिक प्रकरण में फाइनल रिपोर्ट लगाई। नौकरी की छह महीने बचे हैं, इस दौरान बिना वजह मेरे खिलाफ कार्रवाई की गई तो यहां से हाईकोर्ट तक जाऊंगा। जिन लोगों ने मुझ पर फोन करके फाइनल रिपोर्ट लगाने के लिए दबाव बनाया, सभी के नाम बता दूंगा- राजेंद्र सिंह यादव, विवेचक 
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-सोनी मलिक प्रकरण की जांच मेरे पास है, लेकिन अभी तक इसमें कोई फैसला नहीं हो पाया है। सभी पक्षों के बात करके इस मामले में उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट देंगे- आकाश तोमर, एएसपी/सीओ तृतीय
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