फर्जी अकाउंट खोल 84 लाख के गबन के मामले में पुलिस ने पकड़े गए नौ आरोपियों से 69 हजार रुपये बरामद किए। पकड़े गए आरोपियों को रिमांड के बाद जेल भेज दिया गया है। जांच में सामने आया कि बेरोजगार युवाओं को फ्री डिप्लोमा कोर्स कराने के नाम पर कागजात लिए जाते और फिर फर्जी अकाउंट खोले जाते। स्टाई फंड की 84 लाख की राशि हड़पी गई।
वर्ष 2014 में आईसीआईसीआई बैंक में फर्जी अकाउंट खोलने का मामला आया था। करीब 190 विद्यार्थियों के अकाउंट खोले गए और उनके विभिन्न कॉलेजों, यूनिवर्सिटी में एडमिशन दिखाकर स्टाई फंड के 84 लाख हड़पे गए। बैंक मैनेजर की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। इसी दौरान एक बैंक कर्मचारी ने सुसाइड भी कर लिया था।
पुलिस ने मामले में नौ आरोपियों विद्या नगर वासी विनय, नेहरू कॉलोनी वासी संदीप, चांग वासी राकेश, राजेश्वर, सुरजगढ़, बौंद कलां वासी सतेंद्र, नेहरू कॉलोनी वासी पवन, फूल सिंह, कलिंगा वासी सुरेश, हालु मोहल्ला वासी सुरेंद्र को गिरफ्तार कर दो दिन के रिमांड पर लिया था। रिमांड के दौरान इनके कब्जे से 69 हजार रुपये बरामद हुए। अब इन्हें कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
बेरोजगारों को बनाते थे निशाना
जांच में सामने आया कि ये आरोपी युवक बेरोजगार युवकों को अपना निशाना बनाते। उन्हें फ्री कोर्स करवाने के नाम पर उनके कागजात लेते और फोटो स्टेट करवाकर फर्जी अकाउंट खोलते। इसमें मुख्य रोल बैंक के कुछ कर्मचारियों का था। पुलिस की नजर अब मामले में शामिल बैंक कर्मचारियों पर है। इस गिरोह का मुखिया भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है।
मामले में इकोनोमिक सेल के इंचार्ज एसआई रणबीर सिंह दहिया ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों को रिमांड के बाद जेल भेज दिया है। अभी मामले की जांच की जा रही है।