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घर से 400 मी दूर पूर्व सरपंच की चार गोली मारकर हत्या, दो साल पहले पिता और भाई का हुआ था मर्डर

Tue, 15 Oct 2019 12:37 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिवानी (हरियाणा)
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वारदातस्थल पर मौजूद पुलिस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
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पंचायत चुनाव की रंजिश में पूर्व सरपंच की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पूर्व सरपंच सोमवार देर शाम चुनावी जनसभा से अपने घर लौट रहा था। रास्ते में बाइक पर आए दो से तीन युवकों ने वारदात को अंजाम दिया। सूचना के बाद एफएसएल टीम और डीएसपी मौके पर पहुंचे। इसके बाद रात में शव को पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल लाया गया।

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जानकारी के अनुसार बड़ेसरा गांव में बाबा के डेरे के पास एक प्रत्याशी की चुनावी जनसभा थी। उसमें शामिल होने के बाद सोमवार देर शाम करीब सात बजे पूर्व सरपंच पवन कुमार (38) अपने घर लौट रहा था। जनसभा स्थल से अभी वह करीब पांच सौ मीटर दूर ही पहुंचा था कि बाइक पर आए युवकों ने उस पर ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दीं। 

वारदात में पूर्व सरपंच को चार गोलियां लगीं। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि आरोपियों ने आठ से 10 गोलियां चलाईं, जिससे गंभीर रूप से घायल होने के कारण पूर्व सरपंच की मौके पर ही मौत हो गई। आरोपियों ने पहले एक गोली कमर में मारी, जिसके बाद पूर्व सरपंच गिर गया। इसके बाद एक गोली आंख में और दो गोलियां पेट के साथ वाले हिस्से में मारीं। 
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इस हत्याकांड से मौके पर हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। सूचना मिलने पर बवानीखेड़ा थाना पुलिस, गुजरानी थाना पुलिस के अलावा डीएसपी विरेंद्र सिंह और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची। जांच के बाद रात करीब 10 बजे शव को सामान्य अस्पताल लाया गया। जानकारी के अनुसार मृतक के एक 15 वर्षीय लड़की और छोटा लड़का है।

पिता और भाई की भी की गई थी हत्या

पूर्व सरपंच पवन के पिता भल्लेराम और भाई बलजीत की भी पंचायत चुनाव की रंजिश में आठ जुलाई 2017 की देरशाम को तेजधार हथियारों से हत्या कर दी गई थी। बलजीत, बल्लेराम के अलावा 80 वर्षीय हुकम सिंह, 85 वर्षीय मल्हाराम व महेंद्र उस शाम खेत से घर लौट रहे थे। रास्ते में करीब 30-35 लोगों ने तेज धार हथियारों से उन पर हमला किया था।

इसमें 55 वर्षीय बलजीत और 75 वर्षीय भल्लेराम की मौत हो गई थी। पुलिस ने 54 लोगों के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। उस समय परिजनों ने दो दिन तक कार्रवाई की मांग को लेकर शव लेने से इनकार कर दिया था।

जमीन से शुरू हुआ विवाद बना चौधर की लड़ाई
पूर्व सरपंच पवन और आनंद बबलू के परिवार के बीच विवाद वर्षों पुराना है। पहले जमीन का विवाद था। इस जमीन विवाद के चलते दोनों सरपंच का चुनाव लड़ने लगे। जमीन विवाद तो बाद में सुलझा लिया गया, मगर सरपंची को लेकर लड़ाई बढ़ती गई। पिछले चुनाव में आनंद बबलू की पत्नी सुदेश विजेता रही। पूर्व सरपंच पवन की ओर से सुदेश के सर्टिफिकेट पर आपत्ति जताई गई। 

पूर्व सरपंच के भाई राज कुमार ने इसकी शिकायत की। जांच में डिग्री फर्जी पाई गई और सरपंच को बर्खास्त कर दिया गया। इस मामले में महिला सरपंच, सरपंच पति व दो शिक्षकों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ और उन्हें जेल जाना पड़ा। इसी रंजिश के चलते दोनों पक्षों में विवाद बढ़ चला है।
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भाई ने पुलिस पर भी लगाए आरोप

मृतक पूर्व सरपंच के भाई राज कुमार ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने पहले वाले मामले में कुछ लोगों को निकाल दिया। कुछ आरोपी पिछले दिनों जेल से बाहर आए हैं और उन्हीं लोगों ने उसके भाई की हत्या की है। पुलिस पर भी राज कुमार ने आरोपियों से मिलीभगत करने के आरोप लगाए हैं।

400 मीटर की दूरी पर था घर
पूर्व सरपंच पवन कुमार को गोली मारी गई तो वह अपने घर से महज 400 मीटर की दूरी पर ही था। वह बाबा के डेरे के पास हुई चुनावी जनसभा में शामिल होने गया था। गांव बड़ेसरा में ही जताई रोड पर उनका मकान है। वह जनसभा समाप्त होने के बाद अपने घर जा रहा था। वह घर से करीब 400 मीटर दूर ही रह गया था कि तभी पीछे से बाइक पर आए बदमाशों ने गोलियां मारकर उसकी हत्या कर दी।

सप्लेंडर बाइक से आए थे बदमाश
बदमाश सप्लेंडर बाइक से आए थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को यह सूचना दी है। बाइक का नंबर भी पुलिस के पास आया है। उसके आधार पर पुलिस नाकेबंदी कर देर रात तक बदमाशों की तलाश में जुटी रही।

बड़ेसरा गांव में पूर्व सरपंच पवन कुमार की गोली मारकर हत्या की गई है। प्राथमिक दृष्टि में चार गोली लगी नजर आ रही है। परिजनों ने अभी कोई बयान नहीं दिए हैं। बयान के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। -विरेंद्र सिंह, डीएसपी।
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