गांव जावा में पंचायती जमीन पर पशु बांधने को लेकर हुए खूनी संघर्ष में दो पक्षों के पांच लोग घायल हो गए। इनमें एक पक्ष से दो महिलाओं को भी चोटें आई हैं। उपचार के लिए उनको चरखी दादरी के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सभी घायल एक ही परिवार से हैं। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पहले हमला करने के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
सिविल अस्पताल में उपचाराधीन घायल वेदपाल ने बताया कि उसके मकान के साथ पंचायती जमीन लगती है। वह पिछले कई सालों से उसमें अपने पशु बांधता आ रहा है। बरसात में पानी रुकने के कारण वह वहां मिट्टी डलवाने का काम करवा रहा था। दूसरे परिवार के ही पांच-छह लोगों ने वहां पहुंचकर मिट्टी डलवाने का विरोध किया। वेदपाल ने बताया कि उसने मिट्टी डलवाने का कामा बंद करने से इनकार कर दिया तो उक्त लोगों ने उस पर हमला कर दिया। इस दौरान जब परिवार की दो महिलाएं सुनीता और अनीता बचाव करने आई तो उन्होंने उनको भी घायल कर दिया।
दूसरे पक्ष से उपचाराधीन सतेंद्र का कहना है कि उसी के परिवार के एक व्यक्ति ने पंचायती जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है। पंचायती जमीन पर उसने अपने पशु बांध दिए। उसके पशु बांधने पर गाली-गलौज उसका विरोध किया गया। जब उसने0 एतराज जताया तो दूसरे पक्ष ने डंडे से हमला कर दिया। इसमें सतेंद्र और रमेश घायल हो गए। आसपास के लोगों ने बचाव कर झगड़े को शांत कराया। दोनों ही पक्षों के घायलों को परिजनों ने उपचार के लिए शहर के सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया। पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।