भिवानी में हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की क्लर्क परीक्षा का पर्चा लीक करने के मामले में सेंटर पर फर्जी कर्मचारियों की एंट्री कर जैमर कंपनी का सुपरवाइजर अब तक 10 लाख रुपये मास्टर माइंड से वसूल चुका था। बाकी काफी बकाया भी है। यह खुलासा स्वयं जैमर कंपनी के सुपरवाइजर ने किया है। पुलिस ने जैमर कंपनी के सुपरवाइजर को दबोच लिया है। उसे कोर्ट में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया गया है।
पेपर लीक मामले में पुलिस ने अब तक छह लोगों को काबू कर लिया है। पहले दिन परीक्षार्थी नरेंद्र के अलावा वीरेंद्र, अनिल की गिरफ्तारी हुई तो बाद में मास्टर माइंड जितेंद्र सिवाच, जेबीटी टीचर पुनीत सागर को काबू किया। नई गिरफ्तारी इस पूरे खेल में अहम रोल निभाने वाले जैमर कंपनी के सुपरवाइजर अजय जांगड़ा की हुई है। भिवानी के शांतिनगर वासी अजय जांगड़ा ने ही प्रत्येक परीक्षार्थी 60 हजार के हिसाब से पेपर लीक का खेल खेलने वाले गिरोह के सदस्यों को जैमर कंपनी का फर्जी कर्मचारी बना एंट्री करवाई थी। अजय को चार दिन के रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान अजय ने खुलासा किया कि अब तक वह इस गिरोह से 10 लाख रुपये ले चुका है। अभी इस बात का खुलासा नहीं हुआ है कि कितने और लेने थे।
छह नाम बताए, बयानों में पलट रहा मास्टर माइंड
चार दिन के रिमांड पर चल रहे मास्टर माइंड रोहतक में एकेडमी संचालक जितेंद्र सिवाच ने अब तक पुलिस के सामने छह नाम बताए हैं। जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है। मगर पुलिस पूछताछ में वह अपने बयानों से पुलिस को गुमराह कर रहा है। पुलिस फिलहाल उसके हरेक बयान के आधार पर जांच कर रही है।
जल्द होगा खुलासा, कैसे और कहां से लीक किया गया पेपर
लीक पर्चे की आंसर-की परीक्षा केंद्र में कैसे पहुंचाई गई। कहां-कहां पहुंचाई गई इसका तो खुलासा हो गया है मगर पर्चा लीक कैसे किया गया, इसका खुलासा अभी तक नहीं हो पाया है। जांच में जुटे डीएसपी व स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम के इंचार्ज विजय देशवाल ने बताया कि जल्द ही इसका भी खुलासा किया जाएगा।
पेपर लीक मामले में जेमर कंपनी के सुपरवाइजर अजय जांगड़ा को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसने 10 लाख रुपये अब तक लेने की बात कबूली है। अभी उससे पूछताछ की जा रही है और रुपयों की रिकवरी के भी प्रयास किए जा रहे है। मास्टर माइंड ने कुछ नाम बताये है, जिनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे है।
विजय देशवाल, डीएसपी, इंचार्ज, स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम