भिवानी में दीपावली से कुछ दिन पूर्व इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम संचालक से 15 लाख की रंगदारी मांगने वाला दिल्ली के एक सरकारी स्कूल का शिक्षक ही निकला। सिर्फ जल्दी रुपये कमाने के लिए ही शिक्षक ने अपने साथी संग मिलकर रंगदारी मांगी। अकेले इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम संचालक ही नहीं बल्कि रोहतक के एक सरकारी स्कूल शिक्षक, दिल्ली के एक व्यापारी से भी रंगदारी मांगी। फिलहाल आरोपी शिक्षक व उसके साथी को पकड़ लिया गया है। मंगलवार को दोनों को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
तीन अक्तूबर को शहर के पुराना बस स्टैंड स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम के मालिक हरीश चंद्र से 15 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। हरीश की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया था। पुलिस कॉल डिटेल के आधार पर आरोपी तक पहुंचने का प्रयास कर रही थी। पुलिस ने मामले में दिल्ली के एक सरकारी स्कूल शिक्षक को काबू किया। जिसने साथी संग रंगदारी मांगने की बात कबूली। पकड़े गए शिक्षक की पहचान सूई वासी जसबीर के रूप में हुई। उसने राजस्थान निवासी अपने साथ बलवान के साथ मिलकर रंगदारी मांगी थी। रंगदारी मांगे जाने से इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम मालिक का परिवार चिंतित था और हर समय अनहोनी की आशंका सता रही थी। डीएसपी हेड क्वार्टर चंद्रपाल व सीआईए इंचार्ज रवींद्र ने बताया कि गांव सुई निवासी दिल्ली में कार्यरत जेबीटी अध्यापक जसबीर ने अपने दो साथियों के सहयोग से अपनी पहचान को छुपाते हुए मोबाइल सिम हासिल की और कृष्णा कॉलोनी निवासी हरि इलेक्ट्रॉनिक्स के मालिक हरीशचंद्र से 15 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। रंगदारी न देने की एवज में जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने मामले को काल ट्रेस के आधार पर दिल्ली में सरकारी अध्यापक गांव सुई के निवासी जसबीर को मुख्य आरोपी पाया तथा उसे गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है।
जल्दी रुपये कमाने के लिए तीन से मांगी रंगदारी, पहुंच गया जेल
आरोपी सरकारी अध्यापक अध्यापक पर जल्दी रुपये कमाने की धुन सवार थी। उस पर कुछ कर्जा भी था। इसी कारण उसने रंगदारी मांगने जैसा रास्ता चुना। आसान टारगेट चयन करते हुए हरीशचंद्र को रंगदारी के लिए निशाना बनाया। इससे पहले भी वह रोहतक एक सरकारी अध्यापक व उसके साथ से 20 लाख रुपये रिश्वत मांग चुका है। दिल्ली के ही एक व्यापारी से 10 लाख की रंगदारी मांगी। मगर तीनों ही रंगदारी के मामलों में उसके हाथ नाकामी लगी।