भिवानी में बवानीखेड़ा पुलिस द्वारा एक किलो नौ सौ ग्राम चरस के साथ पकड़े गए किशोर पर ही कार्रवाई करने पर कोर्ट ने आपत्ति जताई है। कोर्ट ने चरस का धंधा करने वाले असल सौदागरों पर कार्रवाई के लिए लिखा है। साथ जिला बाल संरक्षण अधिकारी कार्यालय के विधि एवं परिवेक्षा अधिकारी ने इस बारे में एसपी को पत्र लिखकर असल नशे का कारोबार करने वालों पर मुकदमा दर्ज करने की बात कही है।
24 जून 2016 को जाटू लुहारी के पास से बवानीखेड़ा थाना पुलिस ने एक 16 वर्षीय किशोर को चरस के साथ काबू किया था। किशोर से एक किलो नौ सौ ग्राम चरस बरामद की गई। किशोर होने के कारण मामजा जुवेनाइल कोर्ट पहुंचा। कोर्ट ने पुलिस अधिकारियों द्वारा पूरी कार्रवाई नहीं करने की बात कहते हुए जिला संरक्षण अधिकारी कार्यालय को जांच के लिए कहां। सोशल इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट में पाया गया कि बच्चे को तो चरस सप्लाई करने का मोहरा बनाया गया। इसके लिए एक हजार रुपये तय किए गए। चरस विनय नामक युवक की थी जो सुरेश नामक युवक को सप्लाई की जानी थी।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी विभाग से विधि एवं परिवेक्षा अधिकारी मनोज धनखड़ ने अब दोनों मुख्य आरोपियों पर कार्रवाई करने के लिए पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा है। एडवोकेट मनोज धनखड़ ने बताया कि बच्चा नासमझ था, जिसे सिर्फ चरस सप्लाई करने के लिए प्रयोग किया गया। इसके बदले उसे एक हजार रुपये दिए जाने की बात कही गई। इसमें असल आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। दोनों आरोपियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।