पांच व 10 के नकली सिक्कों के तार चरखी दादरी से ही जुड़े मिले। यहीं के दो दुकानदार इस गोरखधंधे में संलिप्त पाए गए, जो पिछले एक महीने से दुकानें बंद कर फरार हैं। अब दोनों की दिल्ली में गिरफ्तारी के बाद पुलिस नकली सिक्कों के सप्लाई के नेटवर्क की कमर कितना जल्दी तोड़ सकेगी, यह देखने वाली बात है। दादरी पुलिस का दावा है कि पिछले डेढ़ महीने से दोनों पर उनकी नजर थी।
पिछले काफी समय से पांच और 10 के नकली सिक्कों की प्रदेशभर में सप्लाई हो रही है। कुछ रोज पूर्व सूचनाएं मिली कि नकली सिक्कों की सप्लाई में भिवानी जिले के भी कुछ लोग संलिप्त है। पहले सिवानी की चर्चाएं आई तो बाद में चरखी दादरी का नाम आया। नकली सिक्कों की सप्लाई की चर्चा के बाद से ही सीआईए टीमें भी अलर्ट थी। मामले में झज्जर के दो दुकानदारों के नाम सामने आए। जिनकी चरखी दादरी में पाहवा चौक पर कार डेकोरेशन की दुकानें है। मगर ये दोनों दुकानदार पिछले करीब महीनेभर से अपनी दुकानें बंद कर फरार है। पुलिस और सीआईए टीम दुकानों पर नजर रखे है। इस कारण इन पर शक की सूई ज्यादा थी।
रविवार को दिल्ली से दोनों दुकानदार पकड़े जाने के बाद अब इस नेटवर्क से जुड़े बाकी लोग व सूत्रधार तक पुलिस के हाथ जल्द पहुंच जाने की उम्मीद है।
हमें भी सूचना मिली है कि चरखी दादरी के दो दुकानदार नकली सिक्के सप्लाई करने के मामले में दिल्ली में पकड़े गए हैं। यहां उनकी दुकानें है जो करीब एक से डेढ़ महीने से बंद है।
शमशेर सिंह, इंचार्ज
सीआईए चरखी दादरी