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गैंगवार : प्रदीप कासनी गैंग पर इनाम रखेगी पुलिस

Sat, 07 Jan 2017 12:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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पु‌ल‌िस
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चरखी दादरी में गैंगवार में गांव साहूवास निवासी सतेंद्र उर्फ काला की घर में घुसकर हत्या करने वाले प्रदीप कासनी सहित अन्य आरोपियों की चार दिन बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने पर शुक्रवार को मृतक के परिजन और पंचायत एसपी से मिली। मृतक के चाचा ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं होने पर आत्महत्या की चेतावनी दी। काफी देर तक बातचीत के बाद एसपी ने पंचायत को जल्द ही गैंग सरगना प्रदीप कासनी समेत उसके गुर्गों को पकड़ने के लिए इनाम घोषित करने का आश्वासन दिया। इसके अलावा परिजनों की सुरक्षा में तैनात गनमैनों की संख्या बढ़ाने और परिजनों को हथियारों का लाइसेंस देने के साथ ही एक पुलिस अधिकारी के खिलाफ जांच का आश्वासन दिया। एसपी के आश्वासन के बाद मृतक के परिजन और पंचायत लौट गई।   
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करीब पांच साल पूर्व गांव साहूवास निवासी सतेंद्र उर्फ काला ने अपने पांच अन्य सदस्यों के साथ मिलकर कासनी निवासी शराब ठेकेदार संदीप कासनी की हत्या कर दी थी। इस मामले में कोर्ट ने सतेंद्र उसके साथी खिलावन चंद और चार अन्यों को सजा सुनाई थी। सतेंद्र अपने साथियों सहित करीब सवा साल पहले पैरोल पर बाहर आया था। इस हत्या के बाद संदीप के भाई प्रदीप ने सतेंद्र गैंग से बदला लेने के लिए अपनी अलग से गैंग बना ली। संदीप हत्याकांड के बाद से ही प्रदीप छह अभियुक्तों से बदला लेने की फिराक में था। इससे गैंगवार का खतरा बन गया था। इसकी शुरुआत चार माह पहले सतेंद्र के साथी ढाणी फौगाट निवासी खिलावन चंद की हत्या के साथ हो गई थी। करीब आधा दर्जन हथियारबंद युवकों ने ढाणी फौगाट स्थित बाबा जोतनाथ मंदिर में घुसकर खिलावन चंद पर गोलियां चलाकर उसको मौत के घाट उतार दिया था। मृतक के परिजनों ने इसके पीछे प्रदीप गैंग का हाथ होने की आशंका जताई थी। खिलावन चंद की हत्या के बाद कई सालों से ठंडी पड़ी गैंगवार फिर शुरू हो गई। इसके बाद गैंग सरगना सतेंद्र को प्रदीप गैंग ने अपना अगला निशाना बनाया। तीन जनवरी को प्रदीप गैंग ने साहूवास में सतेंद्र के घर में घुसकर गोलियां चलाकर उसको मौत के घाट उतार दिया। चार दिन बाद भी किसी हत्यारोपी की गिरफ्तारी न होने पर शुक्रवार को पंचायत सहित सतेंद्र के परिजनों ने एसपी सुनील दलाल से मुलाकात की। जल्द से जल्द हत्यारोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की। पंचायत के साथ एसपी कार्यालय पहुंचे मृतक सतेंद्र के चाचा संजय ने पुलिस कप्तान के सामने परिवार को भी जान का खतरा प्रदीप गैंग से होने की गुहार लगाई। संजय ने कहा कि पूरा परिवार मौत के साये के डर से जीने को मजबूर है और यह डर प्रदीप व उसके गुर्गों के गिरफ्तार न होने तक रहेगा। संजय ने चेतावनी दी कि अगर पुलिस ने जल्द ही इन्हें गिरफ्तार नहीं किया तो वह आत्महत्या कर लेगा।

प्रदीप कासनी और पवन बौंद पर रखेगी इनाम
एसपी सुनील दलाल ने मृतक सतेंद्र के परिजनों को आश्वासन दिया है कि पुलिस प्रदीप कासनी और उसके साथी पवन बौंद पर इनाम रखने जा रही है। इन दोनों के बारे में जो भी पुलिस को जानकारी देगा, मदद के लिए पुलिस उनको इनाम देगी। एसपी ने बताया राशि निर्धारित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उच्चाधिकारियों की एक-दो दिन में इस पर सहमति मिलने की उम्मीद है। सतेंद्र हत्याकांड के बाद परिवार की सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन ने साहूवास में मृतक के घर के बाहर एक गनमैन तैनात किया है। शुक्रवार को परिजनों ने जब एसपी सुनील दलाल के सामने जान को खतरा बताया तो उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी न होने तक परिवार की सुरक्षा में तैनात गनमैन की संख्या बढ़ाने का आश्वासन दिया। एसपी सुनील दलाल ने कहा कि अगर परिजन उनके सामने सुरक्षा बढ़ाने की मांग करते हैं तो एक और गनमैन सुरक्षा के लिए वहां तैनात कर देंगे।
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मांग पर अन्य अभियुक्तों को सुरक्षा देगी पुलिस
मृतक सतेंद्र के परिजनों ने एसपी के सामने संदीप कासनी हत्याकांड के तीन अभियुक्तों के भी पैरोल पर जेल से बाहर आने और एक के जेल में होने का तर्क देकर उनकी जान को भी खतरा होने का अंदेशा जताया। इस पर जिला पुलिस कप्तान ने कहा कि संदीप हत्याकांड के किसी भी अभियुक्त ने फिलहाल किसी भी तरह की सुरक्षा की मांग नहीं की है। उनके पास मांग आई तो सुरक्षा मुहैया करवाई जाएगी। एसपी ने कहा कि सदर थाना प्रभारी को फिर भी सुरक्षा बढ़ाने के आदेश जारी कर दिए हैं।

पुलिस अधिकारी पर लगे आरोपों की डीएसपी करेंगे जांच
मृतक सतेंद्र के परिजनों ने एक एसआई पर प्रदीप कासनी गैंग की मदद करने और सतेंद्र पर झूठे मुकदमे बनाने के आरोप लगाए थे। शुक्रवार को पंचायत ने एसपी से मुलाकात के दौरान लिखित में उक्त पुलिस कर्मचारी के खिलाफ भी शिकायत दी। एसपी ने बताया कि इस मामले की जांच के लिए उन्होंने डीएसपी सुरेश हुड्डा को नियुक्त किया है। डीएसपी इस मामले की जांच करेंगे। पुलिस कर्मचारी दोषी पाया गया तो नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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