ट्यूबवेल कनेक्शन के बदले रिश्वत लेने के आरोपी लाइनमैन को दोषी करार देते हुए सात साल कैद की सजा सुनाई गई है। साथ ही 15 हजार रुपये जुर्माना भी किया गया है। जुर्माना नहीं भरने पर अतिरिक्त सजा होगी। यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायाधीश बलजीत सिंह की अदालत ने सुनाया।
मामला 27 अप्रैल 2014 का है। लोहारू में लाइनमैन धर्म सिंह को ट्यूबवेल कनेक्शन देने के बदले नौ हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में विजिलेंस टीम ने पकड़ा था। पीड़ित किसान ने बताया कि पहले ट्यूबवेल कनेक्शन देने के बदले 35 हजार रुपये रिश्वत ली गई थी और अब जारी करने के बदले भी नौ हजार रुपये मांगे जा रहे थे। नौ हजार रुपये रिश्वत नहीं देने के कारण उसे दो साल तक कनेक्शन नहीं दिया गया। इसी मामले में सुनवाई करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश बलजीत सिंह की अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए विभिन्न धाराओं के तहत सात साल कैद और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। डिप्टी डीए अनीता नुनीवाल ने बताया कि आरोपी धर्मसिंह लाइनमैन को विजिलेंस ने किसान से ट्यूबवेल कनेक्शन जारी करने के लिए नौ हजार रुपये लेते हुए पकड़ा था। लाइनमैन धर्मसिंह ने किसान से कनेक्शन जारी करने के लिए 35 हजार रुपये आवेदन के समय रिश्वत ली और जारी करने के लिए 9 हजार रुपये और मांगे। अदालन ने लाइनमैन धर्मसिंह को भ्रष्टाचार की धारा 7 पीसी एक्ट के तहत तीन साल की सजा और 5 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना न भरने की सुरत में तीन माह की अतिरिक्त सजा होगी। धारा 13(1) डी पीसी एक्ट के तहत सात साल की सजा और 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा होगी।