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सौ स्कार्पियो गाड़ी खंगालने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली

Mon, 02 Jan 2017 12:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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क्राइम - फोटो : अमर उजाला
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भिवानी में डा. केएल बावा मर्डर केस में रहस्य गहराता ही जा रहा है। 20 दिन बाद भी पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा। हत्या में इस्तेमाल की गई स्कार्पियो गाड़ी का नंबर भी फर्जी मिला। इस स्कार्पियो को ढूंढने कोशिश में पुलिस ने जिले भर की सौ से ज्यादा स्कार्पियो गाड़ियों को खंगाल चुकी है, लेकिन अब भी पुलिस के हाथ खाली हैं।

बदमाशों ने जिस शातिराना अंदाज में भिवानी के डॉ. बावा का मर्डर किया, यह आज भी पुलिस के लिए पहली बना है। विभाग के एक्सपर्ट अफसर झोंकने के बाद भी हाथ बड़ा तो दूर मामूली सुराग भी पुलिस हाथ नहीं लगा है। हत्या में प्रयुक्त की गई स्कार्पियो सीसीटीवी में कैद हो गई है। नंबर प्लेट पर लिखे नंबर को ट्रेस किया तो यह ट्रैक्टर का नंबर मिला।
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सूत्र बताते हैं कि पुलिस ने स्कार्पियो के मॉडल के आधार पर छानबीन शुरू की। बताया जाता है कि स्कार्पियो का उक्त मॉडल करीब तीन साल पहले बंद हो चुका है। जिलभर की करीब डेढ़ सौ स्कार्पियो पुलिस के रडार पर हैं। सौ से ज्यादा स्कार्पियो गाड़ियों की जांच कर चुकी है। लेकिन, अभी तक कोई खास पुलिस हाथ लगा नहीं। मामले के जांच अधिकारी चरखी दादरी के डीएसपी एसके हुड्डा ने बताया कि करी सौ स्कार्पियो गाड़ियों की छानबीन की जा चुकी है।

सीसीटीवी में दो बार दिखी स्कार्पियो
डॉ. बावा के अपहरण व हत्या के वक्त संदिग्ध स्कार्पियो दो बार सीसीटीवी में कैद हुई। भिवानी-चरखी दादरी मार्ग पर एक सीसीटीवी कैमरे में स्कार्पियो एक बार सुबह नौ बजे से पहले स्कार्पियो चरखी दादरी से भिवानी की ओर आते हुए दिखाई दे रही है। उस वक्त नीली बत्ती नहीं थी। माना जा रहा है कि रास्ते में डॉ. बावा की गाड़ी दिखाई देने के बाद स्कार्पियो की दिशा दोबारा चरखी दादरी की ओर हो गई और डॉ. की कार का पीछा किया। इसी दौरान कहीं डॉ. बावा का अपहरण किया गया। सीसीटीवी में दूसरी बार स्कार्पियो दिखाई देती है। उस समय नीली बत्ती लगी दिखाई दे रही है। स्कार्पियो के पीछे डा. बावा की कार भी नजर आ रही है।
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ये था मामला
12 दिसंबर को डा. बावा भिवानी से अपने आवास से चरखी दादरी स्थित अपने अल्ट्रा साउंड सेंटर के लिए कार से रवाना हुए। दो-ढाई घंटे बीत जाने के बाद अल्ट्रा साउंड केंद्र नहीं पहुंचे तो पुलिस को इत्तला दी गई। कुछ समय बाद डा. बावा का शव रासीवास गांव की बणी में मिला। शव पर तीन गोली के निशान मिले और हाथ-पांव बंधे हुए थे। जबकि, उनकी कार जली हुई हालत में कासनी व फतेहगढ़ गांव के बीच रेलवे फाटक के पास मिली।
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