भिवानी के हनुमान गेट इलाके में झुलसने से हुई गर्भवती महिला और उसके दो साल के बेटे की मौत के मामले में अदालत ने मृतका के पति व सास और ससुर को सात-सात साल की कैद की सजा दी है। साथ ही तीन-तीन हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
एडिशनल सेशन जज की कोर्ट ने इस चर्चित मामले में दो दिन पहले आरोपियों को दोषी करार दे दिया था, बुधवार दोपहर बाद चार बजे अपना फैसला सुनाया। अदालत ने आरोपी विक्की विक्रम, सूरजभान व बिमला को दहेज हत्या (304-बी) में सात-सात साल और दहेज प्रताड़ना (498-ए) में दो-दो वर्ष के कारावास की सजा दी। अदालत ने आरोपियों पर तीन-तीन हजार रुपये जुर्माना भी किया है। दोनों सजा साथ लगेंगी। कोर्ट ने लगभग 26 महीने में फैसला दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से 12 व बचाव पक्ष की तरफ से तीन की गवाही हुई।
ये था घटनाक्रम
22 जुलाई 2014 को हनुमान गेट की रहने वाली महिला लक्ष्मी बाई व उसके दो साल के बेटे पवन की घर में आग में झुलस गए थे। बाद में दोनों की पीजीआई में मृत्यु हो गई। घटना के समय लक्ष्मी चार माह से गर्भवती थी। मृतका के भाई बलंभा (रोहतक) निवासी धर्मेंद्र ने पुलिस में दर्ज कराई शिकायत में बताया कि लक्ष्मी का पति विक्की विक्रम, ससुर सूरजभान व सास बिमला दहेज के लिए तंग करते थे। मारपीट करते थे। इस बारे में कई पंचायत भी हुई। धर्मेंद्र ने आरोप लगाया कि उसकी बहन पर तेल छिड़ककर आग लगाई। साथ बैठा दो साल का पवन भी इस आग में झुलस गया।