भिवानी में दहेज का मामला दर्ज करने की ऐवज में 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए महिला थाना प्रभारी को विजिलेंस टीम ने काबू किया। आरोप है कि महिला थाना प्रभारी ने 15 हजार रुपये मांगे थे, पांच हजार रुपये पहले दिए जा चुके है। बाकी रकम की डिलीवरी के वक्त थाना प्रभारी विजिलेंस टीम के हत्थे चढ़ गईं। महिला थाना प्रभारी ने आरोपों को गलत बताते हुए एक वकील पर झूठा फंसाने का आरोप लगाया।
सिवानी क्षेत्र के अधिवक्ता सुधीर ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत की कि सिवानी क्षेत्र की महिला जमुना देवी की शादी कैरू में हुई थी। अब विवाद हुआ तो जमुना देवी ने दहेज प्रताडना की शिकायत की। दहेज का मामला दर्ज करने की एवज में एसएचओ 30 हजार रुपये मांग रही है। अब 15 हजार में बात हुई है। शनिवार को पांच हजार रुपये दिए जा चुके हैं और रविवार को 10 हजार रुपये दिए जाने हैं। इस पर कार्रवाई करते हुए विजिलेंस टीम के इंचार्ज इंस्पेक्टर श्रीराम ने टीम बनाई। देर सायं जैसे ही पीड़ित पक्ष ने महिला थाना प्रभारी को रुपये दिए पुलिस ने छापेमारी कर उसे दबोच लिया। विजिलेंस टीम महिला थाना प्रभारी नन्ही देवी को पकड़कर विजिलेंस कार्यालय लेकर आई। जहां रात तक पूछताछ और जांच चलती रही।
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दहेज का मामला मामले में विजिलेंस इंचार्ज इंस्पेक्टर श्रीराम ने बताया कि महिला थाना एसएचओ एसआई नन्ही देवी को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा गया है। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
मुझे गलत फंसाया गया
मामले में एसआई नन्हीं देवी ने बताया कि आरोप झूठे है और अधिवक्ता सुधीर ने उसे गलत फंसाया है। वह पिछले एक महीने से चक्कर लगा रहा है। सीसीटीवी फुटेज व कागजात से सारा मामला साफ हो जाएगा।