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डिलीवरी के बाद महिला की मौत, परिजनों ने किया हंगामा

Fri, 01 Apr 2016 12:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
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म‌हिला - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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 नया बाजार मार्ग स्थित अंजू नर्सिंग होम में अल सुबह डिलीवरी के बाद एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने डाक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि वे रात को दरवाजा खटखटाते रहे, मगर डाक्टर नहीं आई। इलाज नहीं मिलने के कारण मौत हुई। डाक्टरों के बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम करवाया गया। फिलहाल इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई की गई है, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगामी कार्रवाई होगी।
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गांव तिगड़ाना वासी करीब 23 वर्षीय रीता ने अंजू नर्सिंग होम में रात साढ़े 11 बजे बेटी को जन्म दिया था। डिलीवरी के बाद उसकी तबीयत खराब हुई और सुबह करीब साढ़े सात बजे उसकी मौत हो गई। महिला की मौत पर परिजनों ने हंगामा किया और डाक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया। विवाद बढ़ते देख पुलिस बुलाई गई। भारी पुलिस फोर्स दोपहर तक अस्पताल के पास जमा रही। मृतका की मां राधा और सास माया देवी ने बताया कि रात साढ़े 11 बजे रीता ने बेटी को जन्म दिया। यह परिवार में पहला बच्चा था तो पूरा परिवार खुश था। रात दो बजे रीता की तबीयत खराब हुई तो उन्होंने डाक्टर को सूचित किया। डाक्टर नहीं आई और छत से गोली फेंक कर बोली कि ये दे दो। गोली से भी आराम नहीं हुआ और रात चार बजे तबीयत ज्यादा खराब हुई। वे फिर डाक्टर को बुलाने गए मगर डाक्टर नहीं आई। सुबह पांच बजे के बाद डाक्टर आई तब तक इलाज नहीं मिलने के कारण रीता की मौत हो चुकी थी। अगर डाक्टर समय पर आ जाती तो उनकी बेटी बच जाती। ऐसे डाक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। राधा देवी ने बताया कि दो साल पहले बेटी की शादी रेवाड़ी के गांव खालेटा में जीतू सिंह के साथ की थी। जीतू गुड़गांव की एक कंपनी में नौकरी करता था। मृतका के चाचा रतिपाल ने बताया कि डाक्टर फीस तो पूरी लेती है और इलाज की बात आए तो देखने तक नहीं आती। मौत के बाद डाक्टर अन्य अस्पताल में लेकर गई है।

डाक्टर ने माना उससे गलती हुई
अस्पताल संचालिका डाक्टर ने परिजनों व पुलिस के सामने अपनी गलती स्वीकार की। डाक्टर से मिलने गए गांव के मौजिज लोगों, परिजनों और पुलिस ने जब डाक्टर से बात की कि आपको बुलाने किस समय गए थे तो डाक्टर ने कहां चार बजे। आप आए किस समय तो डाक्टर ने जवाब दिया कि पांच बजे। डाक्टर ने बताया कि उसे आने में देरी हुई यह उसकी गलती है। फिर भी सीरियस हालत देख वह शहर के दो बड़े डाक्टरों के पास मरीज को लेकर गई। मगर मरीज को बचाया नहीं जा सका।
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छह घंटे में ही मातम में बदली खुशियां
रात साढ़े 11 बजे महिला रीता ने बेटी को जन्म दिया। परिजन खुश थे। अपनी रिश्तेदारी में फोन पर सूचना दी गई और बधाई दी गई। चूंकि पहला बच्चा था तो खुशी भी ज्यादा थी। मगर रीता की तबीयत बिगड़ने के साथ ही खुशी फीकी पड़ने लगी। सुबह करीब साढ़े पांच बजे जब चिकित्सक ने परिजनों को सूचना दी कि रीता नहीं रही तो सारी खुशियां मातम में बदल गई।


रात साढ़े नौ बजे महिला रीता को लेकर परिजन आए थे। रात साढ़े 11 बजे सामान्य डिलीवरी हुई है। रात दो बजे महिला की तबीयत खराब होने पर दवा दी थी। सुबह पांच बजे तबीयत  ज्यादा खराब हुई। जिसके बाद वह दो अन्य निजी अस्पतालों में भी मरीज को लेकर गई, मगर उसे बचाया नहीं जा सका। ऐसा लगता है कि हृदय घात से महिला की मौत हुई है।
डा. अंजू, संचालिका, अंजू अस्पताल

महिला रीता की डिलीवरी के बाद मौत हुई है। परिजन डाक्टर पर लापरवाही बरतने का आरोप लगा रहे है। डाक्टरों के बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम करवाया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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बंसीधर, एसआई, जांच अधिकारी, शहर थाना
 
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