भिवानी में एक्सीडेंट केस में ट्रैक्टर चालक को फंसाने का डर दिखाकर 30 हजार रुपये रिश्वत लेने के मामले में एसपीओ को काबू किया है। एक दुकानदार भी पकड़ा गया है। एसपीओ ने एसएचओ और एक अन्य पुलिस कर्मी का भी नाम लिया है। विजिलेंस टीम मामले की जांच में जुटी है।
सोमवार सायं करीब छह बजे विजिलेंस टीम ने इंचार्ज इंस्पेक्टर श्रीराम के नेतृत्व में बाढड़ा थाने के बाहर एक कंप्यूटर की दुकान से एसपीओ (हाल ही में पुलिस भर्ती किए गए सेवानिवृत्त फौजी) व एक दुकानदार को 30 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा। दुकानदार 30 हजार रुपये लेकर भागा भी मगर विजिलेंस टीम ने उसे दबोच लिया।
विजिलेंस को दी शिकायत में दगड़ौली वासी आजाद सिंह ने बताया कि पिछले सप्ताह एक डंपर और खच्चर रेहड़ी का एक्सीडेंट हो गया था। जिसमें एक महिला की मौत हो गई। उसका ट्रैक्टर किनारे खेत में खड़ा था। मगर पुलिस वाले जबरन उसका ट्रैक्टर सड़क पर दिखाकर हादसे का कारण इसे बता रहे थे। साथ ही उसे केस में नहीं शामिल करने के बदले 30 हजार रुपये रिश्वत मांग रहे थे।
विजिलेंस इंस्पेक्टर श्रीराम ने बताया कि शिकायत के बाद उन्होंने आजाद को पाउडर लगे 30 हजार रुपये देकर भेजा। एसपीओ हंस कुमार अपनी बाइक पर आजाद को बैठाकर थाने के बाहर कंप्यूटर की दुकान पर लेकर गया। जहां एक दुकानदार सुनील को रुपये दिए गए। जब दबिश दी तो सुनील रुपये लेकर भागने लगा, मगर टीम ने उसे दबोच लिया। सुनील को वापस रुपये बाद में एसपीओ को देने थे। एसपीओ ने बयान में एसएचओ व एसएचओ पीसीआर ड्राइवर का नाम भी लिया है। बयान में बताया है कि ड्राइवर के मार्फत एसएचओ ने रुपयों की मांग की। एसपीओ उसी कड़ी में रुपये ले रहा था। इंस्पेक्टर श्रीराम ने बताया कि बयान में एसएचओ व ड्राइवर का नाम आया है। तफ्तीश में उन्हें शामिल किया जाएगा।