RTI act used to harass government officials in Gujarat
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आरटीआई में पहले झूठी सूचना देने और फिर समझौते के लिए दबाव बनाने को लेकर पंचायत अधिकारी कार्यालय में हंगामा हुआ। एक अधिकारी व आरटीआई कार्यकर्ता के बीच तीखी नोक-झोंक हुई। अधिकारी पर समझौते का दबाव बनाने व धमकी देने का आरोप लगाते हुए आरटीआई कार्यकर्ता ने उपायुक्त कार्यालय में शिकायत की और कार्रवाई की मांग की। साथ ही सीएम विंडो पर भी शिकायत की।
विकास नगर निवासी बृजपाल परमार ने गांव हालुवास माजरा देवसर के एक जनप्रतिनिधि व पंचायत विभाग के दो अधिकारियों पर अभद्र व्यवहार करने व सूचना उपलब्ध करवाने की बजाए समझौते के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया। बृजपाल सिंह ने बताया कि उसने 17 दिसंबर 2015 को ग्राम पंचायत हालुवास माजरा देवसर की बीडीपीओ कम राज्य सूचना अधिकारी से सूचना के अधिकार के तहत एक सूचना मांगी थी। जिस पर उसे मांगी गई सूचना के अलावा अन्य अनावश्यक सूचना दी गई। इस सूचना की अपील 9 फरवरी 2016 को डीडीपीओ भिवानी को की थी। जिस पर उसे झूठी सूचना उपलब्ध करवाई गई। 21 जून को सूचित किया गया कि उसे 27 जून को बीडीपीओ कार्यालय भिवानी में पेश होना है। जब वे वहां पहुंचे तो गांव का जनप्रतिनिधि व दो अधिकारी वहां मौजूद थे। जब वहां बताया गया कि उसे गलत सूचना उपलब्ध करवाई गई है तो अधिकारी उस पर समझौते के लिए दबाव बनाने लगे। साथ ही कहा कि उसे कोई जवाब नहीं मिलेगा। वहां एक कर्मचारी को बुलाकर धक्के मारकर बाहर निकाल दिया। साथ ही धमकी दी कि समझौता नहीं किया तो पुलिस को बुलाकर मुकदमा दर्ज करवा देंगे। शिकायतकर्ता ने उपायुक्त कार्यालय व सीएम विंडो पर शिकायत कर उक्त लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इस मौके पर भंवर सिंह, अजय, मुकेश, जितेंद्र हांडा, दीपक, अनिल ढाका, संदीप आदि मौजूद रहे।