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दिनभर थमे रहे ऑटो के पहिए

Thu, 08 Oct 2015 12:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/भिवानी
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ट्रैफिक पुलिस के एएसआई पर कार्रवाई की मांग को लेकर चालकों ने बुधवार को ऑटो के पहिए रोक दिए। हड़ताल कर शहर में जुलूस निकाला। एएसआई का पुतला फूंका और लघु सचिवालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं।
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ऑटो चालकों का कहना है कि जब तक एएसआई पर कार्रवाई नहीं होती, वह हड़ताल जारी रखेंगे। हालांकि हरियाणा ऑटो रिक्शा यूनियन के इस फैसले से अलग दूसरे गुट से जुड़े चालकों ने हड़ताल से पूरी तरह दूरी बनाए रखी। इस गुट से जुड़े तमाम ऑटो का संचालन निर्बाध रूप से जारी रहा।

चेकिंग की आड़ में उत्पीड़न से बिफरे ऑटो चालक एएसआई दलबीर सिंह के खिलाफ लामबंद दिखे। सुबह हुडा पार्क में एकत्रित हुए। यहां बैठक के बाद शहर में जुलूस निकाला।
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हुडा सिटी सेंटर, बासिया भवन, हांसी रोड होते हुए महाराणा प्रताप चौक पहुंचे। यहां एएसआई का पुतला फूंककर आक्रोश जाहिर किया। जुलूस पुराना बस स्टैंड, चिड़ियाघर मोड़ होते हुए लघु सचिवालय पहुंचा।

यहां ऑटो चालकों ने डीएसपी अशोक बक्शी को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। समुचित जवाब न मिलने पर लघु सचिवालय के बाहर ही धरने पर बैठ गए।

ऑटो चालकों का कहना था कि एएसआई दलबीर सिंह वर्दी की धौंस दिखाकर उन्हें प्रताड़ित करता है। इस मामले की वह पहले भी शिकायत कर चुके हैं, लेकिन आश्वासन के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। इस बार वह तभी हड़ताल वापस लेंगे, जब एएसआई पर कार्रवाई होगी।

 प्रदर्शन में एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष रमेश दहिया, जिला प्रधान राजेन्द्र सोनी, सुरेश, अजीत कुमार, सुनील, कैलाश बामला, आजाद, सोहित, संदीप, कुलदीप, प्रवेश, रामफल, रामभूल, बिट्टू सोलंकी, ओमप्रकाश, पंकज कुमार, कृष्ण सांगा, दिलबाग, राजेन्द्र शर्मा, नवीन कुमार, सत्यनारायण, राजबीर, अशोक यादव, धर्मबीर, शिवा, सुखदीन, राजेंद्र आदि शामिल रहे।

हड़ताल में नहीं आए तो जोर-जबरदस्ती
हरियाणा ऑटो रिक्शा यूनियन के आह्वान पर आयोजित हड़ताल में दूसरे गुट से जुड़े ऑटो चालकों ने दूरी बनाए रखी। यही कारण था कि हड़ताल के बावजूद शहर में तमाम ऑटो का संचालन जारी रहा।

अंतर यही था कि रोजाना सड़क पर खड़े होते ही ऑटो मिल जाता था, जबकि बुधवार को यात्रियों को स्टैंड पर रुककर ऑटो की प्रतीक्षा करनी पड़ी। हड़ताल से अलग रहे ऑटो चालकों को प्रदर्शनकारियों का गुस्सा भी झेलना पड़ा।

जुलूस के दौरान सड़कों पर कहीं ऑटो चलते दिख रहे थे तो प्रदर्शनकारी जबरन उन्हें रोककर हड़ताल में शामिल होने को विवश करते रहे। इससे लेकर कई बार नोक-झोंक भी हुई। दूसरे गुट ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है।
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हमें हड़ताल का पता नहीं था। यहां आकर फंस गए। बस स्टैंड जाने के लिए करीब 10 मिनट से ऑटो को इशारा कर रहे हैं, मगर कोई रोक ही नहीं रहा। कितना पैदल चलेंगे। पता होता तो आज आते ही नहीं। -सूबेदार जयपाल, निवासी झोझू।
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शहर में 5000 ऑटो हैं। इसमें 70 फीसदी हड़ताल पर रहे। वही ऑटो चलते रहे, जो नए निकले हैं। उनके सामने किश्त भरने की मजबूरी है, मगर उनका समर्थन हमारे साथ है। किसी के साथ जबरदस्ती नहीं की। हड़ताल तब तक जारी रहेगी, जब एएसआई पर कार्रवाई नहीं हो जाता।
-रमेश दहिया, प्रदेश अध्यक्ष, ऑटो रिक्शा यूनियन।
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ऑटो रिक्शा यूनियन के प्रतिनिधियों से वार्ता कर उनकी समस्या सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही हल निकाल लिया जाएगा। शिकायत सही होगी तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। -अशोक बक्शी, डीएसपी हेडक्वार्टर।
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