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फौजी की पत्नी से रेप करने वाले चंडीगढ़ पुलिस के कर्मचारी को 10 साल की कैद

Wed, 24 May 2017 11:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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फौजी की पत्नी को ब्लैकमेल कर दुष्कर्म करने के दोषी चंडीगढ़ पुलिस के कर्मचारी को 10 साल कैद की सजा सुनाई गई है। कैद के साथ छह हजार रुपये जुर्माना भी किया गया है। यह फैसला मंगलवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राज गुप्ता की अदालत ने सुनाया। कोर्ट के फैसले से जहां पति-पत्नी संतुष्ट हैं, लेकिन अपनी जान को खतरा बता रहे हैं।      
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पांच मार्च 2016 को पुलिस में दी शिकायत में महिला ने बताया कि चंडीगढ़ पुलिस के कर्मचारी हरीश उर्फ शेट्टी ने उसे ब्लैकमेल कर दुष्कर्म किया। महिला ने बताया कि एक दिन वह भिवानी जाने के लिए गांव के बस स्टैंड पर थी तो हरीश ने उसे लिफ्ट दी और उसे भिवानी छोड़ने की बजाय तोशाम बाईपास की ओर ले गया जहां जबरन उसके साथ दुष्कर्म किया। साथ ही अश्लील फोटो खींच लिये। किसी को बताने पर गांव में सबको फोटो दिखाने की धमकी दी। बदनामी के डर से वह चुप रही है और हरीश उसे ब्लैकमेल कर दुष्कर्म करता रहा। वह गर्भवती हुई तो उसका जबरन गर्भपात करवा दिया गया। एक रात जबरन घर में आए आरोपी ने उसकी बेटी पर गलत नीयत डाली। उसके बाद उसने अपने फौजी पति को सारी आपबीती बताई और पुलिस में मुकदमा दर्ज करवाया।      
इसी मामले में सुनवाई करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राज गुप्ता की अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए बुधवार को धारा 376(2) के तहत 10 साल कैद व पांच हजार रुपये जुर्माना, धारा 450 के तहत दो साल कैद व एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।      
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रेप पीड़िता ने लगाई थी सचिवालय की छत से छलांग
पीड़ित महिला ने पांच मार्च 2016 को मुकदमा दर्ज करवाया। मामले में कार्रवाई नहीं होने से परेशान पीड़ित महिला ने 15 मार्च 2016 को लघु सचिवालय से छलांग लगाकर सुसाइड करने का भी प्रयास किया था।

पत्नी को न्याय दिलाने के लिए पति ने किया संघर्ष
रेप पीड़िता को न्याय दिलाने में फौजी पति ने लंबा संघर्ष किया। मानसिक परेशानी के साथ-साथ अनेक मुकदमों का भी सामना करना पड़ा। चार मार्च को दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ तो छह मार्च को आरोपी पक्ष से एक महिला ने पीड़ित महिला के पति पर गंभीर आरोप लगाए। 14 जुलाई 2016 को कनीना (महेंद्रगढ़) में पीड़िता के पति पर मुकदमा दर्ज करवाया गया। 25 सितंबर 2016 में जमानत पर आए चंडीगढ़ पुलिस के कर्मचारी हरीश पर अज्ञात व्यक्ति ने गोली चलाई। आरोपी के ताऊ ने पहले पीड़ित महिला के पति व दो अन्य पर आरोप लगाए। बाद में घायल ने बयान दिए कि आरोपी ये नहीं कोई और थे।
पीड़िता के पति ने बताया कि 19 नवंबर 2016 में उस पर व उसके भतीजे पर गांव में हमला हुआ। उसे घर में बंधक बनाकर मारपीट की गई। पुलिस ने सात के खिलाफ मामला तो दर्ज किया मगर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की। सात आरोपियों में तीन तो पुलिस के कर्मचारी थे। उसने दो दफा सीएम विंडो पर भी शिकायत दी थी।
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