आरटीए टीम हर माह 300 से 400 ओवरलोड वाहनों को इंपाउंड करने व उनका चालान करने की कार्रवाई कर रही है। अधिकारिक आंकड़ों के हिसाब से भी हर साल करीब पांच हजार वाहनों पर आरटीए टीम कार्रवाई करती है। इनमें टैक्स, ओवर हाइट, ओवर हैंगिंग के 20-20 हजार रुपये के चालान किए जाने का प्रावधान है, जबकि नेशनल परमिट नहीं होने पर 50 हजार रुपये का चालान है। जबकि ओवरलोड में 28 हजार रुपये का चालान और प्रति टन दो हजार रुपये के हिसाब से जुर्माना तय होता है।
ये हो चुकी हैं आरटीए टीम पर हमले की घटनाएं
तोशाम क्षेत्र में 2017 में ओवरलोड वाहन को पकड़कर उसे ले जाने के दौरान आरटीए टीम के कर्मचारी का ओवरलोड गाड़ी में ही अपहरण कर लिया और दूर ले जाकर उसे पीटकर भाग गए। इस संबंध में तोशाम पुलिस थाना में केस दर्ज हुआ था। इसी तरह 2021 में शहर के बासिया भवन के समीप ओवरलोड एक वाहन को जांच के लिए रोका और उसे इंपाउंड करने के लिए उसी गाड़ी में आरटीए टीम का एक कर्मचारी बैठ गया। चालक गाड़ी को भगाकर कर्मचारी का अपहरण कर अपने गांव तिगड़ाना ले गया। जहां कर्मचारी को बंधक बनाकर उसे पीटा गया और उसका फोन भी छीन लिया गया। इस संबंध में सदर पुलिस थाना में केस दर्ज हुआ था।
रोजाना शहर के हर चौक-चौराहे से यातायात पुलिस कर्मचारियों की ड्यूटी शिफ्ट खत्म होते ही ओवरलोड वाहनों का काफिला सरकुलर रोड से गुजरता है। इन ओवरलोड वाहनों के आगे छोटे वाहन चलते हैं, जिनमें बैठे लोग रास्ता साफ होने का संकेत देते हैं, फिर इन्हें चेकपोस्ट और आरटीए की टीम की हद से बाहर निकाला जाता है। तेज रफ्तार से दौड़ाने के कारण ओवरलोड वाहन कई बार हादसे भी कर चुके हैं।
आरोपियों पर दो मामलों में केस भी दर्ज
ओवरलोड वाहनों को पकड़ने के दौरान कई बार आरटीए टीम पर हमले हो चुके हैं। दो मामलों में केस भी दर्ज हैं। जीपीएस सिस्टम से भी ओवरलोड वाहनों को घर बैठे बंद किया जा रहा है। ऐसे वाहनों को मैकेनिक की मदद से इंपाउंड कर ले जाना पड़ता है। टीम को चकमा देने के लिए ओवरलोड वाहन चालक ऐसे कई हथकंडे अपनाते हैं, जिसकी वजह से टीम को भी काफी मुश्किलें उठानी पड़ती हैं। -सोनू कुमार, मोटर व्हीकल ऑफिसर आरटीए आफिस भिवानी।