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Cyber Crime: आधार डाटा से हो रही साइबर ठगी, बचने के लिए अपनी बायोमेट्रिक लॉक करने की सलाह

Sat, 29 Apr 2023 10:07 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)

सार

साइबर क्राइम थाना में आधार डाटा का प्रयोग करके रुपये निकालने की शिकायतें मिल रहीं हैं। गत चार माह में करीब 40 शिकायतें आधार डाटा से रुपये चोरी होने की पुलिस के सामने आई है।
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aadhar card - फोटो : istock
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विस्तार
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भिवानी में हाल ही में साइबर थाना पुलिस ने जमाबंदी की साइट से लोगों के फिंगर प्रिंट का डाटा चुराकर धोखाधड़ी से खातों से रुपये निकालने के गिरोह का पर्दाफाश किया है। आरोपियों के पास से कई लोगों के नकली रबर फिंगर प्रिंट की कॉपियां मिली थीं। इससे लोगों के मन में उनके साथ भी धोखाधड़ी जैसी घटना होने की शंका मन में पैदा हुई होगी।

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लेकिन ऐसे लोगों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है, जरूरत है तो बस अपने आधार कार्ड के बायोमेट्रिक को लॉक करने की। अगर आप इस प्रकार की धोखाधड़ी से बचना चाहते हैं। तो सबसे पहले अपने आधार बायोमेट्रिक के फंक्शन को लॉक कर दे। ऐसा आप घर बैठे अपने फोन की मदद से भी कर सकते हैं।

इसके लिए सबसे पहले आपको www.uidai.gov.in वेबसाइट पर जाना होगा। इसके बाद माई आधार कार्ड ऑप्शन में जाएं। यहां पहुंचने पर खाता धारक को बायोमेट्रिक लॉक और अनलॉक का ऑप्शन मिलेगा। जिस पर खाताधारक लॉगिन करके अपने बायोमेट्रिक ऑप्शन को लॉक कर दें। खाताधारक किसी भी समय इस सेवा का लाभ लेने के लिए इस ऑप्शन को लॉक व अनलॉक कर सकता है।
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जमाबंदी की साइट भी हुई दुरुस्त
साइबर थाना प्रभारी विकास कुमार ने बताया कि मार्च से पहले जमाबंदी की साइट पर अपलोड किया गए डाटा को कोई भी आसानी से एक्सेस कर सकता था। इसके लिए न तो किसी प्रकार का ओटीपी आता था और न ही मैसेज, जिसके कारण अनजान व्यक्ति भी इस साइट से डाटा ले सकता था और आसानी से लोगों के बायोमेट्रिक डाटा का प्रयोग उनके खातों से धोखाधड़ी से रुपये निकालने के लिए कर सकता था। लेकिन मार्च के बाद इस साइट को भी दुरुस्त कर दिया गया है। अब इस साइट से डाटा लेने के लिए ओटीपी प्रोसेस से गुजरना होता है। इससे पहले के मुकाबले साइट पर लोगों का डाटा सुरक्षित है।

चार माह में 40 मिल चुकी थीं शिकायतें
पुलिस के पास आधार डाटा का प्रयोग करके चोरी करने करीब 40 मामले सामने आ चुके थे। गत दिसंबर माह में अकेले करीब 30 इस प्रकार के मामले पुलिस के सामने आए थे। इसके बाद लोगों को इस बारे में जागरूक करने के बाद कुछ हद तक इन पर काबू भी पाया गया। इस साल जनवरी से मार्च तक साइबर क्राइम पुलिस थाना में करीब 10 शिकायतें सामने आई थी। साइबर पुलिस अधिकारियों को कहना है कि लोग जागरूक रहकर ही साइबर क्राइम से बच सकते हैं।

हमारे पास जितने भी बायोमेट्रिक का प्रयोग करके धोखाधड़ी से रुपये चोरी करने के मामले सामने आए थे। लगभग सभी के रुपये रिकवर करवा दिए गए हैं। आधार डाटा से होने वाले धोखाधड़ी से बचने के लिए नागरिक अपने बायोमेट्रिक को लॉक कर दे, जरूरत पड़ने पर ही इसे अनलॉक करें। इसके अलावा किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर डायल 1930 पर कॉल करके सूचित करें। पुलिस हरसंभव तौर पर नागरिकों की मदद करेंगी। -विकास कुमार, प्रभारी, साइबर क्राइम पुलिस थाना, भिवानी।

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