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सामान्य अस्पताल परिसर में पॉलिथीन में लिपटा मिला कुछ घंटे पहले जन्मा नवजात

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अमर उजाला ब्यूरो
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भिवानी। सामान्य अस्पताल परिसर में नीकू वार्ड के पास सुबह आठ बजे पॉलिथीन और कपड़े में लिपटा एक नवजात मिला। अस्पताल में कार्य के लिए आए राजमिस्त्री को बच्चा दिखाई दिया। बच्चे का तापमान कम होने के कारण उसकी हालत गंभीर है। नवाजत जब मिला तो उसके शरीर का तापमान 25 डिग्री था। जिसे गंभीर माना जाता है। फिलहाल उसे नीकू वार्ड में रखा गया और इलाज किया जा रहा है। वहीं पुलिस ने बच्चे को यहां छोड़ने वाले की तलाश में जच्चा-बच्चा वार्ड और आसपास पूछताछ की और सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले।
मंगलवार सुबह आठ बजे नीकू वार्ड के पास बने डीआईसी सेंटर के साथ दीवार के कोने पर एक काले रंग की पॉलिथीन में नवजात मिला। बापोड़ा वासी राजमिस्त्री रमेश कुमार अस्पताल में कार्य कर रहा है। वह सुबह आठ बजे अस्पताल के गेट नंबर के पास चाय पी रहा था तभी डीआईसी सेंटर के पास रखी पॉलिथीन हिलती नजर आई। उसने पास देखा तो उसमें बच्चा था।
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10-12 घंटे पहले हुआ था जन्म
अस्पताल में कार्य कर रहे सफाई कर्मचारी अजय और सीवरमैन गौरा सिंह भी मिस्त्री के पहुंच गए और इसकी सूचना नीकू वार्ड में दी। जहां चिकित्सक डॉ. आशीष ने बच्चे की जांच की और भर्ती किया। बच्चे का जन्म 12 से 14 घंटे पहले होना बताया जा रहा है और उसे सुबह अस्पताल परिसर में रखा गया।
सूचना पर अस्पताल चौकी पुलिस और दिनोद गेट चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। फिलहाल पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों के साथ शहर के प्राइवेट मेटरनिटी नर्सिंग होम के डिलीवरी रिकार्ड को खंगालने में जुटी है।

25 डिग्री था शरीर का तापमान, होना चाहिए 37
नीकू वार्ड के इंचार्ज डॉ. राज महता ने बताया कि लावारिस हालत में मिले नवजात के शरीर का तापमान 25 डिग्री था, जबकि सामान्य तौर पर बच्चे के शरीर का तापमान 37 डिग्री होना चाहिए। 32 डिग्री या इससे कम तापमान होता है तो बच्चे की हालत गंभीर मानी जाती है। करीब सवा घंटा तो बच्चे के शरीर को सामान्य करने में लगा। अभी भी बच्चे की हालत गंभीर है।
दो पॉलिथीन और कपड़े में लिपटा था बच्चा, गनीमत रही कुत्तों से बच गया
राजमिस्त्री रमेश कुमार और गोरा सिंह ने बताया कि बच्चे काले रंग की पॉलिथीन में था। उसके अंदर एक और पॉलिथीन थी और उसके अंदर कपड़े लपेटकर बच्चे को यहां रखा गया था। जिस जगह बच्चा मिला वहां अक्सर लावारिस कुत्ते घूमते रहते है। गनीमत रही कि किसी कुत्ते के पहुंचने से पहले यह राजमिस्त्री रमेश कुमार को मिल गया।
पालने से कुछ कदम की दूरी पर था बच्चा
जिला बाल संरक्षण कार्यालय की ओर से कुछ रोज पहले ही यहां पालना रखा गया था। जिस पर साफ लिखा है कि बच्चे को फेंके नहीं, हमें दें। पालने से चंद कदम की दूरी पर ही बच्चा मिला है। अब कयास लगाए जा रहे है कि कोई पालने में ही छोडने आया हो और यहां लोगों को देख दीवार के साथ रखकर चला गया हो।

सीडब्ल्यूसी टीम ने किया निरीक्षण
जिला बाल कल्याण समिति चेयरमैन सुभाष जिंदल, अधिवक्ता मनोज ने नीकू वार्ड में पहुंचकर बच्चे की हालत के बारे में डॉक्टरों से जानकारी ली। उन्होंने बताया कि बच्चे को पूरी तरह से स्वस्थ्य होने के बाद पंचकूला के बेबी सेल्टर हाउस में भेजने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। जिला प्रशासन को भी अवगत कराया जाएगा।

शिशु को गोद लेने वालों की लगी भीड़
जिस समय लावारिस हालत में नवजात बरामद हुआ तो ये खबर इलाकों में फैल गई। इसी दौरान जब नवजात शिशु को गोद लेने वालों का जमावड़ा भी वहां जुट गया। नीकू वार्ड के बाहर लगी भीड़ को खदेड़ने के लिए सिक्योरिटी गार्ड को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी।

दिनोद गेट पुलिस चौकी इंचार्ज दशरथ ने बताया कि बच्चे को यहां छोड़ने के मामले में फिलहाल पड़ताल की जा रही है। आसपास के सीसीटीवी कैमरे व निजी मेटरनिटी नर्सिंग होम के रिकार्ड भी खंगाला जा रहा है।
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दशरथ, इंचार्ज, दिनोद गेट चौकी

फेंकें नहीं हमें दें
सिविल सर्जन डा. आदित्य स्वरूप गुप्ता ने कहा कि नवजात बच्चों को फेंके नहीं, हमें दें। महिला एवं बाल विकास विभाग उसका पालन पोषण करेगा। इसके लिए अस्पताल परिसर में पालना लगाया गया है। जो भी बच्चे के पालन-पोषण में अिसमर्थ है, वे बच्चे को पालने में छोड़ दें। उसका नाम, पहचान गुप्त रखा जाएगा।
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