भिवानी। लावारिस पशुओं से शहर को मुक्त करने का दावा करने वाले प्रशासन की पोल पंचायत भवन के सामने उत्पात मचा रहे सांड़ ने खोल दी। आपस में लड़ रहे सांड़ों ने वहां से गुजर रहे राहगीरों ने करीब 13 लोग को टक्कर मारकर घायल कर दिया। सांड़ ने दो ऑटो को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। बार-बार फोन के बावजूद किसी विभाग से कोई मदद के लिए नहीं आया।
दोपहर बाद करीब पौने दो बजे से साढ़े चार बजे तक सांड़ों का उत्पात चलता रहा। दो ऑटो को टक्कर मारने के साथ स्कूटी सवार जन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी, एक बुजुर्ग, दो ऑटो चालकों, एक मूंगफली विक्रेता को घायल किया। बाद में एक डंडे में आगे कपड़ा बांध उसमें आग लगाकर सांड़ को वहां से खदेड़ा गया। लोगों का कहना कि सांड़ पागल हो चुका है और उसके मुंह से लार टपक रही है। शाम करीब सवा पांच बजे सांड़ कोर्ट परिसर के पास ही गिर गया और दम तोड़ दिया। सूचना मिलने पर गोसेवका ने उसे खाली प्लॉट में दफना दिया।
ये हुए घायल
सांड़ की टक्कर से जनस्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी रमेश परमार, विद्या नगर वासी आरपी सिंह, ऑटो चालक संदीप, प्रेम पाल, पवन, नरेश को चोट आई। कुछ अन्य भी सांड़ से बचने के लिए दौड़ते समय गिरकर घायल हुए।
स्कूटी हुई क्षतिग्रस्त
स्कूटी सवार जन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी रमेश ने बताया कि सांड़ की टक्कर से उसे तो हल्की चोट आयी, लेकिन स्कूटी को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ।
ऑटो चालक प्रेमपाल ने बताया कि उसका ऑटो दमकल विभाग कार्यालय के बाहर खड़ा था। पागल सांड़ ने टक्कर मारी। जिससे उसका ऑटो क्षतिग्रस्त हो गया।
ऑटो चालक संदीप ने बताया कि वह अपना ऑटो स्टार्ट कर रहा था। इसी दौरान पीछे से सांड़ दौड़ते हुए आया और टक्कर मार दर। हल्की चोट आयी है।
विद्यानगर वासी आरपी सिंह ने बताया कि वह चिड़ियाघर मार्ग से गुजर रहा था कि सांड़ ने पीछे से टक्कर मारी। जिस कारण वह गिर गया। उसे टांग और कमर में चोट आई है।
गोरक्षा दल के जिला प्रधान संजय परमार ने बताया कि सांड़ वीरवार से ही उत्पात मचा रहा था। पागल सांड़ की जिंदगी 48 घंटे की ही होती है। ऐसा लगता है कि इसे किसी पागल कुत्ते ने काटा है, जिस कारण यह पागल हुआ।