दो सगे भाइयों समेत तीन की मौत के बाद गम में डूबा सुरपुरा
बहल। गांव सुरपुरा कलां के होशियार सिंह सहारण के बड़े बेटे रामेश्वर को क्या पता था कि वह आधी रात को भाई की मदद के लिए जहां जा रहा है वहां उसकी मौत बुला रही है। रामेश्वर तो गाड़ी में आई खराबी के कारण मुसीबत में फंसे छोटे भाई की मदद के लिए दूसरी गाड़ी में मिस्त्री को लेकर चला था। लेकिन, हादसे में न केवल दोनों भाई अकाल मौत के शिकार बन गए वरन गाड़ी में हेल्पर का काम करने वाले युवक तथा साथ में गए मिस्त्री को भी मौत खींचकर ले गई।
हादसे में सबसे बड़ा गम तो सुरपुरा कलां के होशियार सिंह को मिला जब उसने हादसे में दो जवान बेटों को खो दिया। दिनभर सुरपुरा गांव में लोग होशियार के घर के आसपास जमा रहे तथा परिवार को सांत्वना देते रहे। हालांकि, घर की महिलाओं को शवों के आने तक हादसे की सूचना नहीं दी गई थी। वहीं, हादसे में मिस्त्री की मौत की सूचना से पूरे दिन ऑटो मार्केट बंद रहा। बड़ी संख्या में ऑटो मार्केट के मिस्त्री तथा व्यवसायी घटना में मृतक मिस्त्री संजय के अंतिम संस्कार में शामिल हुए तथा परिजनों को सांत्वना दी।
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पराली लेने गया था, गाड़ी खराब हुई तो बुलाया भाई को
सुरपुरा कलां का दशरथ अपनी पिकअप में गांव के ही मुकेश को साथ लेकर पराली भरने गया था। वापस लौटते समय जब वे हांसी के बास पेटवाड़ गांव के समीप पहुंचे तो उनकी गाड़ी का एक्सएल टूट गया। सूचना पर बड़ा भाई रामेश्वर सोमवार रात को करीब दस बजे दूसरी गाड़ी में बहल में काम करने वाले झोझू निवासी मिस्त्री संजय को लेकर वहां पहुंचा और गाड़ी ठीक करने लगे। रात को करीब एक बजे एक ट्रक की चपेट में आने से चारों युवक अकाल मौत के ग्रास बन गए। हादसे की सूचना मिलने पर परिजन तथा अन्य लोग बास पेटवाड़ पहुंचे। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिए। दोनों भाइयों तथा हेल्पर का सुरपुरा कलां में तथा मिस्त्री संजय का झोझू में गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।
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दोनों भाई गाड़ी से करते थे ढुलाई का काम
हादसे में तीन युवकों का चले जाने का गम सुरपुरा गांव के हर बाशिंदे के चेहरे से पढ़ा जा सकता था। होशियार सिंह के दोनों पुत्रों रामेश्वर तथा दशरथ ने खेतीबाड़ी के साथ साथ पिकअप गाड़ी रखते थे जिससे परिवार की आमदनी बढ़ सके। दोनों लड़के पिकअप को किराए पर चलाते थे। बड़े लड़के रामेश्वर को दो लड़के व एक लड़की है जबकि छोटे दशरथ को एक लड़का व एक लड़की है। इसके अलावा दोनों भाइयों के लिए हेल्पर का काम करने वाले मुकेश की शादी तो हो चुकी है लेकिन अभी परिजन गौने के लिए विचार कर रहे थे। वहीं, झोझू निवासी मिस्त्री संजय को एक लड़का व एक लड़की है। वह पिछले करीब बीस साल से बहल में गाड़ियों की रिपेयर करता था तथा सुरपुरा रोड पर परिवार के साथ रहता था।