अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। गांव बवाना निवासी शिक्षा विभाग से रिटायर्ड लैब सहायक सुरेश वर्मा पर तीन साल में जो दुखों के पहाड़ टूटे हैं, उससे सुनकर हर किसी का कलेजा पसीज जाए। बीती रात को एक बार फिर से दुखों का पहाड़ सुरेश मेहरा पर टूटा और हादसे ने उसके तीसरे बेटे को भी छीन लिया। हादसे में उसका सबसे छोटा बेटा घायल हो गया। हादसे के बाद बवाना गांव में मातम पसर गया है।
दुल्हे के पिता अशोक वर्मा ने बताया कि उसके भाई सुरेश वर्मा के पांच लड़के थे जिनमें सबसे बड़ा संजय, उसके बाद राजीव, फिर नवीन, उससे छोटा प्रवीन व सबसे छोटा दीपक है। अशोक ने बताया कि संजय दिमाग से थोड़ा कमजोर था तो उसकी शादी नहीं की थी। दो साल पहले संजय की अचानक मौत हो गई। अभी परिवार उसकी मौत से उबरा भी नहीं था कि उससे छोटे राजीव की एक हादसे में मौत हो गई। दो साल में दो बेटों को सुरेश खो चुका था। राजीव के एक लड़का और एक लड़की है। परिवार ने उसकी पत्नी की शादी छोटे बेटे दीपक से करवा दी। परिवार दो बेटों की मौत को भुलाने की कोशिश कर ही रहा था कि शनिवार रात को दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा कि सड़क हादसे में नवीन की मौत हो गई। नवीन बैंक में फोर्थ क्लास कर्मचारी की नौकरी करता था। उसका भी एक लड़का और एक लड़की है। गाड़ी में नवीन का सबसे छोटा भाई दीपक भी सवार था जो घायल हो गया। तीन साल में तीन बेटों मौत से परिवार पूरी तरह से टूट चुका है।