डाक्टरों पर केस दर्ज करने की मांग पर अड़े परिजन, शव लेने से इनकार
अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी
शहर के निजी अस्पताल में रविवार रात को व्यक्ति की मौत के बाद हुआ बवाल दूसरे दिन भी नहीं थमा। सामान्य अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए ले जाए गए शव को परिजनों ने लेने से इनकार कर दिया। तीन सदस्यीय डॉक्टरों के बोर्ड ने शव का पोस्टमार्टम किया, लेकिन अस्पताल पहुंचे गांव दिनोद के ग्रामीण वहां धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों ने निजी अस्पताल के चिकित्सकों पर रुपये ऐंठने व लापरवाही का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की। साथ ही डॉक्टर द्वारा मृत के परिजनों के खिलाफ दी गई शिकायत भी वापस लेने की मांग की। सिविल लाइन थाना प्रभारी के समझाने पर परिजन सात घंटे बाद शाम छह बजे शव लेने के लिए तैयार हुए।
गांव दिनोद निवासी 55 वर्षीय भूप सिंह की रविवार रात को पुराना बस स्टैंड स्थित एक निजी अस्पताल में मौत होने पर जमकर हंगामा हुआ था। गुस्साए परिजनों ने अस्पताल स्टाफ व डॉक्टरों के साथ मारपीट की थी। भूपसिंह के शव को पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल ले जाया गया। वहां पर परिजनों ने डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर शव लेने से इनकार कर दिया। ग्रामीण देर शाम तक अस्पताल परिसर में धरना देकर बैठे रहे। मृतक के बेटे सुनील ने कहा कि अस्पताल के डॉक्टरों ने उनके साथ ही ज्यादती की है। इसके साथ ही यह अस्पताल रोजाना गरीब लोगों को इलाज के नाम पर लूट रहा। डॉक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए और डॉक्टरों द्वारा अपने बचाव में दी गई शिकायत को वापस लिया जाए। देर शाम करीब छह बजे सिविल लाइन थाना प्रभारी अजीत सिंह ने किसी तरह उन्हें समझाया तो परिजन शव लेने के लिए तैयार हुए। थाना प्रभारी ने कहा कि पुलिस द्वारा इस मामले में निष्पक्ष जांच की जाएगी। पुलिस ने शाम को डॉक्टरों के बोर्ड से पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों को सौंपा।
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निजी अस्पताल में तैनात की पुलिस
हंगामे व अस्पताल स्टाफ के साथ मारपीट की घटना के बाद दूसरे दिन अस्पताल के अंदर व बाहर पुलिस की कड़ी सुरक्षा रही। अंदर स्पेशल पुलिस टीम तैनात की गई तो बाहर एक से पुलिस गाड़ी तैनात रही।