गैस एजेंसी संचालक पर धारा 307 लगाने पर कोर्ट ने उठाए सवाल
भिवानी। गैस एजेंसी संचालक पर हुए जानलेवा हमले के बावजूद पीड़ित पर ही भारतीय दंड संहिता की धारा 307 लगाने पर अदालत ने सवाल उठाए हैं। अदालत ने इस मामले की जांच वरिष्ठ अधिकारी से कराए जाने का सुझाव दिया और 29 सितंबर को कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट देने को कहा है।
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अनमोल सिंह नैय्यर की अदालत ने पुलिस अधीक्षक को इस मामले की जांच कर 29 सितंबर को स्टेटस रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए हैं। गैस एजेंसी संचालक रामदीया अत्री के वकील प्रवीण अत्री ने बताया कि उन्होंने 156(3) सीआरपीसी के तहत अदालत में याचिका दायर की थी। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने एसपी को निर्देश देते हुए कहा कि डीएसपी मुख्यालय चंद्रपाल बिश्नोई द्वारा की गई जांच की समीक्षा की जाए। गैस एजेंसी संचालक रामदिया के खिलाफ लगाई गई धाराएं बेबुलियादी लगती हैं। इस मामले की जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी से कराई जा सकती है। 29 सितंबर को मामले की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कोर्ट में की जाए।
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ये था मामला
अगस्त में बैंक कालोनी में रह रहे गैस एजेंसी संचालक रामदिया ने आरोप लगाया था कि कुछ लोगों ने पिस्तौल से फायर करके उस पर जानलेवा हमला किया। उसने इसकी रिपोर्ट पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस ने उल्टा रामदिया के खिलाफ ही भारतीय दंड संहिता की धारा 323, 341, 506, 285, 34 व भारतीय शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था।