भिवानी। ट्रैफिक पुलिस ने तहसीलदार के बेटे की बाइक रुकवाई तो पहले युवक ने धौंस दिखाई। बाद में युवक की माता जो कि सीडीपीओ है वहां पहुंची। युवक ने पुलिस कर्मी से माफी मांगी। जिसके बाद ही बिना चालान किए युवक को छोड़ा गया। इस दौरान करीब आधे घंटे तक घंटाघर चौक पर खूब हंगामा हुआ।
मामला सुबह करीब पौने 12 बजे का है। घंटाघर चौक पर ट्रैफिक पुलिस कर्मी एएसआई दलबीर सिंह वाहनों की जांच कर रहे थे। आरोप है कि स्पोर्ट्स बाइक पर दिनोद गेट की ओर से एक युवक आया। जिसकी बाइक रुकवाई तो हंगामा हुआ। युवक ने आरोप लगाया कि अचानक होमगार्ड का जवान उसकी बाइक के आगे आकर बाइक रुकवाने लगा और चाबी निकाल ली जबकि पुलिस का आरोप था कि युवक ने बाइक भगाने का प्रयास किया था। इसी बात को लेकर खूब हंगामा हुआ। पहले होमगार्ड के जवान फोन से वीडियो बना रहे थे तो बाद में युवक भी वीडियो बनाने लगा। पुलिसकर्मी कहते रहे कि बाइक के कागज दिखाओ मगर युवक अपनी मम्मी से बात करवाने और बाद में आने की बात कहता रहा।
इस दौरान ट्रैफिक एसएचओ इंस्पेक्टर प्रेम सिंह भी मौके पर पहुंचे। बाद में युवक की मां भी मौके पर पहुंची और स्वयं को सीडीपीओ बताया। वहां मौजूद लोगों ने उनकी माता के सामने ही कहां कि युवक बदतमीजी से बोल रहा था। बाद में महिला के कहने पर युवक ने पुलिसकर्मियों से माफी मांगी। ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने भी उसे माफ करते हुए बिना चालान काटे छोड़ दिया।
युवक का पिता तहसीलदार है, युवक अपने पिता के पद की धौंस दिखा रहा था। अगर सिपाही को चोट लग जाती तो कौन जिम्मेवार होता। न युवक के पास कागजात थे। बाद में उनकी मां जोकि सीडीपीओ के कहने और युवक द्वारा माफी मांगने पर युवक को छोड़ दिया।
- दलबीर सिंह, एएसआई, ट्रैफिक पुलिस।