भिवानी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर दवा विक्रेता को गर्भपात की एमटीपी किट बेचते गिरफ्तार किया है। एक किट दुकानदार डिकॉय मरीज को बेच चुका था जबकि एक उसके पास से बरामद की है। दुकान को सील कर दिया गया है। वहीं दुकानदार के खिलाफ पुलिस में भी एफआईआर दर्ज करवाई गई है।
सिविल सर्जन डॉ. आदित्य स्वरूप गुप्ता को गुप्त सूचना मिली थी कि बावड़ी गेट के पास एक दुकानदार गैर कानूनी तरीके से गर्भपात की दवाइयां बेच रहा है। जिसके बाद उन्होंने डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. मीना बर्बर के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया। दोपहर ने दोपहर करीब दो बजे डिकॉय पेसेंट को हस्ताक्षर किए रुपये देकर गर्भपात की एमटीपी किट खरीदने के लिए भेजा। एक युवक और एक गर्भवती महिला को भेजा गया। उन्होंने दुकानदार से बातचीत कर सात सौ रुपये में दवा खरीदी। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा मारकर दुकानदार के पास से हस्ताक्षर किए हुए एक हजार रुपये बरामद किए। टीम ने यहां जांच कर एक और एमटीपी किट बरामद की। स्वास्थ्य विभाग की अचानक हुई कार्रवाई से बावड़ी गेट क्षेत्र में हड़कंप मच गया और लोगों की भीड़ दुकान के बाहर लग गई। बाद में पुलिस को सूचना देकर बुलाया गया। आरोपी दुकानदार के खिलाफ जैन चौक चौकी पुलिस को शिकायत दी गई। दुकान को सील कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम में इंचार्ज डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. मीना बरबर के अलावा डॉ. दिव्या, औषधि नियंत्रक हेमंत ग्रोवर, आशा कोर्डिनेटर प्रदीप कुमार शामिल रहे।
दोगुने से भी ज्यादा दामों में बेच रहे गर्भपात की दवा
गर्भपात की दवा बेचना गैर कानूनी है मगर कुछ दुकानदार मुनाफे के चक्कर में चोरी-छिपे यह दवा बेच रहे हैं। एमटीपी किट को दिल्ली से दो सौ से तीन सौ रुपये में लाकर यहां सात सौ से एक हजार रुपये में बेचा जाता है। सोमवार को पकड़े गए दुकानदार ने डिकॉय को भी यह दवा सात सौ रुपये में बेची थी।
गर्भपात के लिए एमटीपी किट बेचने की सूचना मिली थी। जिसके बाद डिकॉय भेजकर दुकानदार को रंगे हाथ पकड़ा गया है। लक्ष्मी मेडिकल हॉल के नाम से दुकान थी। जिसे सील कर दिया गया है और उक्त दुकानदार की पुलिस में शिकायत दी गई है।
डॉ. आदित्य स्वरूप गुप्ता, सिविल सर्जन