अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। गवर्नमेंट कॉलेज स्थित एसबीआई की शाखा में 22 दिसंबर को गार्ड की हत्या कर लूट करने वाले बदमाश को पुलिस ने काबू कर लिया है। जांच की तो सामने आया कि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड में आउटसोर्सिंग पॉलिसी के तहत लगा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कर्ज के बोझ से उबरने के लिए बदमाश बन बैठा और इस वारदात को अंजाम दिया। आरोपी का मकान जर्जर हालत में होने के कारण वह अपने बच्चों के साथ एक परिजन के मकान में रह रहा है। पांव में लगी चोट के ऑपरेशन के लिए उधार लिए रुपयों के लिए देनदार हर रोज तंग कर रहे हैं। इसी आर्थिक तंगी ने गांव में शरीफ समझे जाने वाले युवक को बदमाश बना दिया।
पुलिस ने बैंक लूट और हत्या के आरोप में बापोड़ा वासी करीब रिपुदमन उर्फ टिंकू (32) को गिरफ्तार किया है। उसके दो बच्चे हैं जिनमें से छोटा बेटा चार और बड़ा बेटा पांच साल का है।
गत जून माह में पैर के ऑपरेशन के लिए उधार लिए थे रुपये
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसके पांव में चोट लग गई थी, गत जून माह में ऑपरेशन हुआ। इसके लिए उसने रुपये उधार लिए थे। अब वह बोर्ड में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी लगा हुआ था जिसे आठ हजार रुपये प्रति माह सैलरी मिलती थी। इतनी तनख्वाह में घर का खर्च मुश्किल से चल रहा था। ऐसे में कर्ज कैसे उतरे और घर में शौचालय बनाना था वह कैसे बने। इसी कारण वह तनाव में था। आरोपी रिपुदमन ने सोचा था कि बैंक लूट से इतने रुपये मिल जाएंगे कि कर्ज उतर जाएगा और घर का शौचालय बनाने के साथ मकान भी ठीक कर लूंगा। मगर ऐसा नहीं हुआ।
दो-तीन दिन से थी बैंक लुटने की योजना, एक दिन पहले खरीदा दरात
आरोपी युवक बोर्ड में कार्यरत है और अक्सर बोर्ड के पैसे जमा कराने एसबीआई की शाखा में जाता था। आर्थिक तंगी के कारण उसने वारदात से दो-तीन दिन पहले बैंक लूटने के बारे में सोचा। वारदात से एक दिन पहले शहर से ही उसने यह दरात खरीदा और 22 नवंबर को वारदात को अंजाम दिया।
यूं पकड़ में आया बदमाश
बदमाश को काबू करने के लिए पुलिस की 10 टीमें जुटी थी। सीआईए और साइबर टीम का अहम रोल रहा। चौ. बंसीलाल यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी के पीछे लगे दो कैमरों में बदमाश वारदात वाले दिन आता दिखा मगर वापसी में वह एक कैमरे में नजर नहीं आया। जिस कारण पुलिस को शक हुआ कि वह बीच से ही कहीं भागा है। इसी बीच में डीसी कॉलोनी के अंदर जाने का एक छोटा रास्ता लोगों ने बनाया हुआ। इसी रास्ते से वह डीसी कॉलोनी और फिर जागृति कॉलोनी में पहुंचा। यहां गलियों में भटका तो किसी से रास्ता भी पूछा। एक लोहे के तार के नीचे से निकलने के दौरान उसकी टी शर्ट कंधे के पास से फट गई। इस कारण भी पुलिस को मदद मिली। यहां से बदमाश बीटीएम चौक होते हुए टीआईटीएस कॉलेज के पास पहुंचा। यहां उसने बापोड़ा वासी एक बाइक सवार से लिफ्ट ली और गांव चला गया। पुलिस को डीसी कॉलोनी में लगे एक कैमरे में हाफ टी शर्ट पहने बदमाश नजर आया। इसके बाद तोशाम तक की फुटेज खंगाली तो रास्ते में एक बाइक के पीछे बैठा भी नजर आया। इसके बाद पुलिस ने बाइक और उसके चालक को ढूंढा। इसके लिए पुलिस ने शहर थाना तक के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। बाइक चालक का पता लगने के बाद पुलिस को आरोपी के बारे में पता चला। सोमवार दोपहर पुलिस ने आरोपी को बोर्ड से ही काबू कर लिया। बदमाश को पकड़ने में सीआईए टीम ने इंचार्ज रविंद्र कुमार और साइबर सेल टीम ने इंचार्ज रमेश के नेतृत्व में अहम भूमिका निभाई।
वर्जन:::
आर्थिक तंगी और कर्ज के कारण बापोड़ा के युवक रिपुदमन उर्फ टींकू ने बैंक लूट की वारदात को अंजाम दिया। उसकी पारिवारिक आर्थिक हालत काफी दयनीय है। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर आरोपी काबू आया। हमारे पुलिस कर्मचारियों ने आरोपी को पकड़ने में काफी मेहनत की।
-गंगाराम पुनिया, पुलिस अधीक्षक