अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। नो पार्किंग जोन में खड़ी दादरी कोर्ट के एक अधिवक्ता की गाड़ी का पुलिस ट्रैफिक पुलिस ने इंपाउंड किया तो काफी हंगामा हुआ। क्रेन से इंपाउंड की गई गाड़ी में अधिवक्ता बैठ गया और उतरने से इंकार किया। सूचना पर पहुंचे ट्रैफिक एसएचओ ने केस दर्ज करने की चेतावनी भी दी। बावजूद इसके अधिवक्ता नहीं उतरा। करीब आधे घंटे तक नोक-झोंक हुई। अधिवक्ता के गाड़ी से नहीं उतरने की स्थिति में गाड़ी को ऐसे ही ट्रैफिक थाने ले जाया गया और अधिवक्ता उसमें सवार रहा। थाने में एक सौ रुपये का नो पार्किंग जोन का चालान और चार सौ रुपये जुर्माना करके छोड़ा गया।
मामला दोपहर करीब डेढ़ बजे का है। दादरी कोर्ट का एक अधिवक्ता केएम स्कूल के सामने किसी कार्य से आया था। इस दौरान सड़क किनारे ही पीली पट्टी से बाहर अपनी गाड़ी खड़ी कर अपने कार्य से चले गए। इसी दौरान ट्रैफिक पुलिस की टीम क्रेन के साथ पहुंच गई और गाड़ी मालिक को तलाशा। नहीं मिलने पर क्रेन के माध्यम से गाड़ी को इंपाउंड कर लिया। गाड़ी ले जाने लगे तो अधिवक्ता वहां पहुंच गया और इंपाउंड गाड़ी का शीशा खोल उसमें बैठ गया। पुलिस कर्मचारियों ने उन्हें उतरने के लिए कहा तो अधिवक्ता ने उतरने से साफ इंकार कर दिया। कहा कि यहां अन्य गाड़ियां भी खड़ी है, उन्हें तो इंपाउंड नहीं किया गया। बहस हुई तो ट्रैफिक पुलिस कर्मचारियों ने एसएचओ ट्रैफिक इंस्पेक्टर प्रेम सिंह को सूचना दी। मौके पर पहुंचे एसएचओ प्रेम सिंह ने अधिवक्ता को समझाकर उतरने के लिए कहा मगर वह नहीं माने। जिस कारण नोक-झोंक हुई। एसएचओ ने केस दर्ज करने की चेतावनी दी तो अधिवक्ता ने कहा कि आप केस दर्ज कीजिए। काफी बहस के बाद गाड़ी को यथा स्थिति में ही ट्रैफिक थाने ले जाने का निर्णय लिया गया और अधिवक्ता गाड़ी में ही सवार रहा।
सात दिन में 72 गाड़ियां की इंपाउंड
शहर को जाम मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन के निर्देश पर ट्रैफिक पुलिस और नगर परिषद ने विशेष अभियान चलाया हुआ है। अभियान के तहत नो पार्किंग जोन में खड़े वाहनों को इंपाउंड कर एक सौ रुपये का नो पार्किंग जोन का चालान किया जा रहा है वहीं चार सौ रुपये जुर्माना भी किया जा रहा है जो कि नगर परिषद में जमा किया जा रहा है। नगर परिषद ने इसके लिए ट्रैफिक पुलिस को क्रेन मशीन मुहैया करवाई है। सात दिन में 72 गाड़ियां इंपाउंड की जा चुकी है। वीरवार को भी 12 गाड़ियां इंपाउंड की गई है।
नो पार्किंग जोन में खड़ी गाड़ी को क्रेन के माध्यम से इंपाउंड किया गया था। वकील ने उतरने से इंकार किया तो गाड़ी को ऐसे ही ले जाया गया। एक सौ रुपये का चालान और चार सौ रुपये जुर्माना किया गया है।
इंस्पेक्टर प्रेम सिंह, एसएचओ
ट्रैफिक थाना
वह किसी कार्य से यहां भिवानी आया था। गाड़ी साइड में खड़ी की थी। यहां अन्य गाड़ियां भी खड़ी है मगर उसी की गाड़ी को इंपाउंड किया गया। अन्य गाड़ियों को क्यों नहीं किया गया।
दीपक सांगवान, अधिवक्ता