अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। हनुमान ढाणी में विवादित जमीन पर भले ही प्रशासन की ओर से निर्माण कार्य रुकवा दिया गया हो मगर अब नया विवाद खड़ा हो गया है। नप सचिव ने शहर थाना में शिकायत कर अवैध कब्जे का आरोप लगाते हुए आरोपियों पर केस दर्ज करने के लिए लिखा है तो जमीन के दावेदार ने भी कागजात दिखाते हुए जमीन पर अपना दावा किया है। उन्होंने कहा कि इस जमीन का टैक्स तक भरा है।
हनुमान ढाणी में करीब 66 सौ गज जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। विवाद सोमवार की रात उस समय गहरा गया जब एक पक्ष ने यहां निर्माण कार्य शुरू कर दिया। इसके बाद सैनी ने इसकी शिकायत पुलिस को की। पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई तो डीसी को सूचित किया गया। डीसी ने पुलिस भेजकर निर्माण कार्य रुकवा दिया। इसके बाद मंगलवार को सैनी सभा के लोग डीसी से मिलने पहुंचे और बताया कि यह श्यामलात की जमीन है और नगर परिषद के तहत आती है। वर्षों से इसकी देखरेख सैनी सभा कर रही है और यहां महिला शौचालय और पशुओं के लिए जगह बना रखी है। कुछ लोग अवैध कब्जा करना चाहते हैं।
इसी मामले में बुधवार को नगर परिषद सचिव ने एसपी, एसएचओ सिटी को पत्र लिखकर नगर परिषद की जमीन पर अवैध कब्जा करने का प्रयास करने के आरोप लगाते हुए आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं दूसरे पक्ष ने भी जैन चौक चौकी में शिकायत की और अपने कागजात भी दिखाए। इसके बाद अब पुलिस ने नगर परिषद से भी रिकॉर्ड मांगा है ताकि स्पष्ट हो सके कि आखिरकार फिलहाल जमीन का मालिक कौन है।
एक लाख 35 हजार रुपये टैक्स भरा है, रजिस्ट्री भी है
इस मामले में एक पक्ष मैनपाल ने बताया कि जमीन उनकी है। जमीन के कागजात उनके पास हैं। जमीन की रजिस्ट्री, इंतकाल, कमेटी के रिकॉर्ड की कॉपी सब उनके पास है, जिनमें वे मालिक हैं। उन्होंने यहां 20 कनाल 10 मरले जमीन का एक लाख 35 हजार रुपये टैक्स भी जमा करवाया है। अब कुछ लोग बेवजह उन्हें परेशान कर रहे हैं।
टैक्स भरने से कोई जमीन का मालिक नहीं बन जाता
नगर परिषद सचिव राजेश महता ने बताया कि जमीन नगर परिषद की है। कुछ लोग कब्जा करना चाहते हैं, जिनके खिलाफ पुलिस में शिकायत की है। पुलिस ने कुछ कागजात मांगे हैं जो हम मुहैया करवा देंगे। अगर वो कह रहे हैं कि टैक्स जमा करवाया है तो टैक्स तो कोई भी किसी का जमा करवा सकता है। इससे कोई मालिक नहीं बन जाता। रिकॉर्ड में जमीन नगर परिषद के नाम है।
मांगा है रिकॉर्ड
शहर थाना प्रभारी बिक्रम सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायत आई हुई। नप से रिकार्ड मांगा है। इसके बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल वहां निर्माण कार्य रुकवा दिया गया है।