अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। जिला उपायुक्त व अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय के अंदर लगे वातानुकूलित से संबंधित सूचनाएं उपलब्ध कराने में देरी के मामले में राज्य सूचना आयोग ने संज्ञान लेते हुए दो सप्ताह के अंदर मांगी गई सूचनाएं उपलब्ध कराए जाने के आदेश दिए हैं। इतना ही नहीं सूचना आयुक्त ने राज्य जन सूचना अधिकारी कम नगराधीश को कहा है कि भविष्य में अगर सूचनाएं देने में देरी की तो कार्रवाई की जाएगी।
राज्य जन सूचना अधिकारी द्वारा आधी अधूरी सूचनाएं उपलब्ध कराए जाने के मामले को राज्य सूचना आयोग में चुनौति दी गई थी। स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल परमार ने गत 26 जून 2018 को जिला उपायुक्त व अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय परिसर के अंदर लगे वातानुकूलित से संबंधित विभिन्न पहलुओं से जुड़ी जानकारी बिंदुवार मांगी थी। इस संबंध में कोई सूचना नहीं दी गई तो 14 अगस्त को उपायुक्त को प्रथम अपील की गई। इसके उपरांत 16 अगस्त को अधूरी सूचनाएं उपलब्ध कराई गई। 20 अक्तूबर को इस मामले में बृजपाल परमार ने राज्य सूचना आयुक्त के समक्ष शिकायत दी। इसी मामले में गत 25 फरवरी को मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सूचना आयुक्त चंद्रप्रकाश ने राज्य जन सूचना अधिकारी कम भिवानी नगराधीश को दो सप्ताह के अंदर मांगी गई सूचनाएं बिंदुवार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है।
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को भी आदेश
राज्य सूचना आयुक्त ने जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी भिवानी को भी इसी तरह की आरटीआई के जवाब नहीं देने पर निर्देश दिए हैं। राज्य सूचना आयुक्त ने एक सप्ताह के अंदर आरटीआई का जवाब दिए जाने व कार्यालय में आरटीआई कार्यकर्ता को निरीक्षण करवाए जाने के भी आदेश दिए हैं। बृजपाल परमार ने जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में भी वातानुकूलित लगाए जाने से संबंधित आरटीआई के तहत कुछ सूचनाएं मांगी थी। जिस पर अधिकारी ने सूचना देने से इंकार कर दिया था। अब इसी मामले में उसे फटकार लगाते हुए एक सप्ताह के अंदर जवाब देने के आदेश दिए हैं।
आरटीआई के प्रति गंभीर नहीं अधिकारी
आरटीआई एक्टिविस्ट और स्वास्थ्य शिक्षा, सहयोग संगठन के प्रदेशाध्यक्ष बृजपाल परमार ने कहा कि अधिकारी आरटीआई के प्रति गंभीर नहीं है। सूचनाएं समय पर नहीं दी जा रही और जो दी जाती है वे आधी-अधूरी। इसी कारण राज्य सूचना आयुक्त ने अब दोनों अधिकारियों को निर्देश दिए है।
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