भिवानी। पिछले सप्ताह पहले बवानीखेड़ा और फिर लोहारू में उखाड़े एटीएम मामले में पुलिस का पूरा फोकस मेवात जिले पर है। तीनों थानों की पुलिस के अलावा सीआईए और साइबर थाना पुलिस एटीएम उखाड़ने वाले बदमाशों की तलाश में जुटी है। पुलिस को अहम सुराग भी हाथ लगे है। जिसके आधार पर पुलिस का दावा है कि जल्द ही बदमाश पुलिस गिरफ्त में होंगे।
उल्लेखनीय है कि बीती सात दिसंबर को लोहारू में पंजाब नेशनल बैंक का एटीएम पुलिस थाने से महज सौ मीटर की दूरी से उखाड़ लिया गया था। जिसमें 13 लाख 89 हजार रुपये की नकदी थी। इस वारदात से दो दिन पहले यानी पांच दिसंबर को बवानीखेड़ा के मुख्य बाजार से एसबीआई का एटीएम उखाड़ लिया गया था। जिसमें करीब 20 लाख 25 हजार रुपये की नकदी थी। इससे पहले दीवाली की रात तोशाम में एचडीएफसी का एटीएम उखाड़ा गया था। जिसमें करीब 13 लाख रुपये की नकदी बताई गई थी। तीनों ही मामलों में पुलिस के हाथ अभी तक खाली है।
तोशाम से उखाड़ा गया एटीएम मेवात के तावडू थाना क्षेत्र के गांव सरबस में मिला था। बवानीखेड़ा और लोहारू में एटीएम उखाड़ने के मामले में सबूत भी उसी क्षेत्र के मिले है। जिससे कयास लगाए जा रहे है कि तीनों ही वारदातों को एक ही गैंग ने अंजाम दिया है। जिसके बाद अब तीनों थानों तोशाम, बवानीखेड़ा, लोहारू पुलिस के अलावा सीआईए और साइबर सेल का पूरा फोकस मेवात पर है। टीमें लगातार मेवात क्षेत्र में छापेमारी कर रही है। मेवात पुलिस का भी सहयोग लिया जा रहा है। मामले में लोहारू थाना से एसएचओ रामनिवास, बवानीखेड़ा एसएचओ दिलबाग, तोशाम एसएचओ जय सिंह ने बताया कि मामलों की जांच की जा रही है। पूरा प्रयास है कि जल्द ही आरोपियों को काबू कर लिया जाए। सीसीटीवी में कैद मगर पहचान से दूर तीनों ही वारदात में बदमाश सीसीटीवी कैमरों में कैद हुए। मगर तीनों में ही बदमाशों ने नकाब पहने हुए थे। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरों की क्वालिटी ज्यादा अच्छी नहीं होने के कारण अभी तक भी आरोपियों की पहचान नहीं हो पाई है।