मैं एचएसएससी से बोल रहा हूं, तुम्हारी नौकरी लग गई हैं, 40 हजार रुपये लगेंगे, जिसके बाद आपको कॉल लेटर आएगा। पैसे भुगतान नहीं करने पर आपका लिस्ट से नाम काट दिया जाएगा। लिस्ट आपके व्हाटसएप पर भेज दी गई है। यह मैसेज सैय गांव के एक युवक के पास आया। युवक ने 20 हजार रुपये बताये अकाउंट में जमा भी करा दिये। बाद में शक हुआ तो रोडवेज अधिकारियों से संपर्क साधा। जिसके बाद पता लगा कि फोन करने वाला कोई ठग था। अब इसकी शिकायत सदर थाना में दी गई है। ठगों ने अब ठगी का नया तरीका निकाला है। जिसके तहत नौकरियों के लिए आवेदन करने वालों के पास फर्जी लिस्ट भेजकर उनका नाम लिस्ट में दिखाया जाता है और फिर उनसे रुपयों की मांग की जाती है। रोडवेज विभाग के अधिकारियों ने इस तरह के ठगों से अलर्ट रहने की हिदायत दी है। रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि रोडवेज में नौकरी के लिए किसी के पास कोई फोन नहीं किया जा रहा है। न ही स्टाफ सिलेक्शन कमीशन इस तरह से कोई फोन करता है।
गांव सैय निवासी धर्मेंद्र ने सदर पुलिस थाने में दी शिकायत में बताया कि उसने रोडवेज कंडेक्टर पद के लिए आवेदन किया हुआ है। उसके पास एक फोन आया, जिस पर बोलने वाले ने अपना नाम मुकेश चहल बताया। उसने कहा कि मैं एचएसएससी पंचकूला से बोल रहा हूं और तुम्हारी नौकरी लग गई है। उसने एक लिस्ट भी उसके व्हाट्सएप पर भेजी। जिसमें उसका नाम भी नौकरी लगने वालों में दर्शाया गया था। इसके बाद उसने 40 हजार रुपये मांगे और कहा कि नहीं देने पर लिस्ट से नाम काट दिया जाएगा। धर्मेंद्र ने आरोपी की बातों में आकर बताये गए अकाउंट में 20 हजार रुपये डाल दिए। अगले दिन उसी नंबर से फिर फोन आया और 20 हजार रुपये डलवाने की बात कही। नहीं तो कॉल लेटर नहीं भेजे जाने की बात कही। इसके बाद उसे शक हुआ तो उसने रोडवेज विभाग के भिवानी डिपो में पहुंचकर पड़ताल की। उसके बाद उसे रोडवेज अधिकारियों ने बताया कि ये कोई फ्रॉड कर रहा है। लेकिन जब तक उसे इसका पता लगता उसे 20 हजार रुपये की चपत लग चुकी थी। सदर थाना पुलिस ने धर्मेंद्र की शिकायत पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कर तहकीकात शुरू कर दी है।