भिवानी। चुनाव प्रशिक्षण नोडल अधिकारी एवं जिला परिषद सीईओ अशवीर नैन ने पंचायत भवन में लोकसभा चुनाव के मतगणना कार्य के स्टाफ को मतगणना के बारे में प्रशिक्षण दिया। उन्होंने माइक्रो ऑब्जर्वर, मतगणना सुपरवाईजर, सहायक को निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन अनुरूप व नियमों के तहत पूरी सतर्कता से मतगणना दायित्वों का निर्वहन करने के लिए कहा। उन्होंने मतगणना कार्य के संपूर्ण पहलुओं की विस्तार से जानकारी देते हुए निष्पक्ष एवं पारदर्शी पूर्ण मतगणना के लिए उपयोगी सुझाव एवं निर्देश दिए।
चुनाव प्रशिक्षण नोडल अधिकारी नैन ने मतगणना स्टाफ को मतगणना की प्रत्येक बारीकियों को ध्यान पूर्वक सीखने-समझने को कहा। प्रशिक्षण में उन्होंने बताया कि मतगणना के दौरान प्रत्येक राउंड में हर टेबल पर एक कंट्रोल यूनिट मतगणना के लिए आएगी, जिस पर पिंक पेपर सील सहित तीन सील लगी होगी। इसके बाद एक मशीन की मतों की गणना होने के बाद फार्म 17 सी का पार्ट-2 भरकर सुपरवाइजर व काउंटिंग एजेंटों के हस्ताक्षर करवाकर उसकी एक प्रति सहायक रिटर्निंग अधिकारी या पर्यवेक्षक को देनी होगी। उन्होंने कहा कि यह काम आसान है, लेकिन सावधानियां रखनी भी जरूरी है। इस दौरान रमन शांडिल्य व अश्विनी शर्मा ने भी मतगणना कार्यों के बारे में प्रकाश डाला।
मतगणना कार्य चार जून को कैमरे की निगरानी में किया जाएगा पूरी पारदर्शिता के साथ
जिला निर्वाचन अधिकारी नरेश नरवाल ने कहा कि चार जून को मतगणना कार्य निर्धारित समय पर चुनाव आयोग की गाइडलाइन के अनुसार पूरी पारदर्शिता के साथ कैमरे की निगरानी में किया जाएगा। मतगणना कार्यों की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मतगणना चुनाव प्रक्रिया का अहम हिस्सा है, इसलिए मतगणना से संबंधित प्रत्येक अधिकारी व कर्मचारी पूरी सतर्कता के साथ अपनी ड्यूटी करें। प्रत्येक मतगणना टेबल पर जाली के दूसरी तरफ प्रत्येक प्रत्याशी का एक काउंटिंग एजेंट भी उपस्थित रहेगा। काउंटिंग एजेंट प्रत्येक राउंड में होने वाली मतगणना को नोट करेंगे।