भिवानी। वाइस चेयरपर्सन प्रतिनिधि संदीप तंवर के खिलाफ एक ठेकेदार द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के विरोध में शुक्रवार को नगरपरिषद के पार्षद एकजुट हो गए। पार्षदों ने बैठक कर ठेकेदार के सभी आरोपों को निराधार बताते हुए उसका लाइसेंस रद्द करने की मांग उठाई।
बैठक में पार्षदों ने कहा कि जब भी किसी ठेकेदार के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया जाता है और घटिया निर्माण सामग्री को लेकर आपत्ति जताई जाती है तो वह इस तरह के आरोप लगाता हैं जो सरासर गलत हैं। पार्षद विनोद कुमार ने कहा कि निरीक्षण के दौरान जब किसी निर्माण कार्य में कमी पाई जाती है तो संबंधित ठेकेदार निरीक्षण करने वाले पर ही आरोप लगाने लगता है। इसी तरह उक्त ठेकेदार के कार्य में गड़बड़ी मिलने पर उसने पार्षद पर कई तरह के आरोप लगाए हैं।
पार्षद सुदामा तंवर ने कहा कि ठेकेदार जब भी निर्माण कार्य में कोई कमी निकलती है तो वह पार्षदों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने लगता है। पार्षद संदीप ने भी ठेकेदार पर इसी तरह के आरोप लगाए। सभी पार्षदों ने एक स्वर में आरोपों को निराधार बताया और नगरपरिषद से ठेकेदार का लाइसेंस रद्द करने की मांग की।
इस मौके पर पार्षद मनीष गुरेजा, प्रवीण चावला, सूर्या तंवर, बिल्लू बादशाह, सुदामा तंवर, संदीप यादव, अंकुर कौशिक, जयवीर रंगा, सुभाष और अनिल मौजूद रहे।