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सुविधा: अब एक यूनिट रक्त बचाएंगा तीन की जान

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भिवानी। अब जिले के मरीजों को नागरिक अस्पताल में ही रक्त के सभी कंपोनेंट की सुविधा मिल सकेंगी यानी एक यूनिट रक्त से तीन मरीजों की जान बच सकेगी। सबसे बड़ा फायदा ये होगा कि मरीज को ब्लड के जिस कंपोनेंट की जरूरत होगी, वो ही दिया जा सकेगा न कि पूरा ही ब्लड दिया जाए। इसके लिए ब्लड बैंक में कंपोनेंट सेपरेटर मशीन शुरू कर दी है, हालांकि इसका अधिकारिक तौर पर जल्द ही शुभांरभ किया जाएगा। बता दें थैलेसीमिया के मरीजों को आरबीसी, डेंगू के मरीजों को प्लेटलेट्स, बर्न के मरीजों को प्लाज्मा व एफएफपी व एचआईवी के मरीजों को डब्ल्यूबीसी की जरूरत पड़ती है। इस मशीन के आने के बाद मरीज को पूरी यूनिट खून चढ़ाने के बजाय आवश्यक तत्व ही चढाएं जाते हैं।
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जरूरी कंपोनेंट ही चढ़ाए जाएंगे, पहली थी वैकल्पिक व्यवस्था
मानव के रक्त में प्लाजमा, प्लेटलेट्स व पैक्ट रेड ब्लड सेल्स, सीरम, आरबीसी नाम के कंपोनेंट होतेे है। जिनसे खून की एक यूनिट से तीन रोगियों की जान बचाई जा सकती है। अब तक नागरिक अस्पताल सिर्फ वैकल्पिक व्यवस्था के तहत ही कार्य कर रहा था यानी किसी मरीज को प्लेटलेट की जरूरत है तो उसे फ्रेश ब्लड दे दिया जाता। अन्य केसों जैसे प्लाज्मा, रेड ब्लड सेल्स, सीरम, आरबीसी की जरूरत पर भी पूरा ब्लड ही चढ़ाया जाता। ऐसे में ब्लड की एक यूनिट जो तीन लोगों के काम आ सकती थी, उसे एक ही मरीज को चढ़ाया जाता। इतना ही नहीं मरीज के शरीर में भी जिस कंपोनेंट की जरूरत रहती, उसके अलावा भी अन्य कंपोनेंट ब्लड के रूप में दिये जाते, मगर अब ऐसा नहीं होगा। अब जरूरत वाले कंपोनेंट ही मरीजों को चढ़ाए जाएंगे।
ऐसे काम करेगी मशीन
मशीन में एक साथ प्लास्टिक की 16 बकेट में ब्लड यूनिट के बैग रखे जाएंगे। जिसमें ब्लड यूनिट के बैग का वजन समान होना जरूरी है। फिर मशीन को ऑन कर हल्का घुमाया जाएगा, जिसके बाद प्लेटलेट्स, श्वेत रक्त कणिकाएं, प्लाज्मा ऊपरी बॉक्स में चलाया जाएगा, जबकि लाल रक्त कणिकाएं नीचे वाले बॉक्स में चली जाएगी। इसके बाद लाल रक्त कणिकाओं वाले बैग को निकाल लिया जाएगा। फिर दोबारा से मशीन को ऑन कर तेज स्पीड में घुमाया जाएगा, जिससे के बाद प्लेटलेट्स नीचे वाले बॉक्स में चली जाएगी और प्लाज्मा ऊपर चला जाएगा। इसके बाद दोनों को समान कर बाहर निकाल लिया जाएगा। इससे एक ही मशीन में अलग-अलग कणिकाएं तैयार हो सकेंगी।
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नागरिक अस्पताल को मिले आठ नए एलटी
लंबे समय के बाद स्वास्थ्य विभाग को आठ नए लैब टेक्नीशियन मिले है। इनमें से छह लैब टेक्नीशियन को नागरिक अस्पताल की लैब नंबर 25 में दिया है जबकि दो एलटी को ब्लड बैंक में दिया जाएगा। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि जल्द ही और भी नए एलटी की नियुक्ति की जाएगी, जिन्हें फिल्ड में भेजा जाएगा।
वर्जन:
ब्लड सेपरेटर मशीन खून में शामिल तत्वों को अलग-अलग कर देती है। यह मशीन लाल रक्त कणिकाओं, श्वेत रक्त कणिकाएं, प्लेटलेट्स, प्लाजमा को अलग-अलग कर देती है। नागरिक अस्पताल में यह सुविधा पहली बार मिलने जा रही है, इससे काफी मरीजों को लाभ मिलेगा।
- डॉ. मोनिका सांगवान, ब्लड बैंक इंचार्ज, नागरिक अस्पताल।
वर्जन
अस्पताल के ब्लड बैंक में ब्लड सेपरेटर मशीन शुरू कर दी है। इससे मरीजों को जिले में ही ब्लड कंपोनेंटकी सुविधा मिले सकेगी, जोकि काफी बेहतर साबित होगी। इससे रक्त कणिकाएं अलग की जाएगी, जिससे तीन लोगों की जान बचाई जा सकेंगे।
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- डॉ. रघुबीर शांडिल्य, सिविल सर्जन।
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