विधायक घनश्याम सर्राफ को ज्ञापन सौंपते नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन भवानी प्रताप व अन्य।
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भिवानी। शहर में निर्माणाधीन के अस्पताल को लेकर पिछले कुछ दिनों से चल रहे विवाद में रविवार को कुछ पार्षद पूर्व चेयरमैन भवानी प्रताप के नेतृत्व में विधायक घनश्याम सर्राफ से मिलने पहुंचे। पार्षदों ने नप अधिकारियों के रोक के आदेशों के बावजूद निर्माण कार्य करने के आरोप लगाए। नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन भवानी प्रताप, पूर्व चेयरमैन किशन वर्मा के साथ पार्षद सुभाष, विजय तंवर, रेखा राघव ने विधायक को शिकायत सौंपकर नगर परिषद अधिकारियों की मिलीभगत से अस्पताल निर्माण जारी रखने के आरोप लगाए। इसके बाद विधायक ने उपायुक्त से इस संदर्भ में बात की। बाद में नप के कार्यकारी अधिकारी मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य रुकवाया।
पूर्व चेयरमैन भवानी प्रताप ने बताया कि उक्त अस्पताल भवन का निर्माण नियमों को ताक पर रखकर किया जा रहा है। इसमें शामलात भूमि पर भी अवैध कब्जा कर उस पर अस्पताल के भवन की निर्धारित ऊंचाई से अधिक ऊंची बुनियाद खड़ी की गई है। भवन निर्माण को रुकवाने और शामलात भूमि की जगह पर किए गए निर्माण को तुड़वाने की शिकायतें भी नगर परिषद अधिकारियों को पहले भी दो बार दी जा चुकी है।
नंबरदार इंद्रपाल सिंह कालू ने आरोप लगाया कि अस्पताल भवन के निर्माण में शामलात भूमि खसरा नंबर-504 तादादी 2 कनाल 16 मरला भिवानी जोनपाल की अवैध रूप से भूमि कब्जाई गई है, जिसे तुड़वाए जाने और कब्जा की गई जमीन को छुड़वाए जाने की शिकायतें उपायुक्त को की थी। इस पर एसडीएम को जांच अधिकारी भी नियुक्त किया था। नगर परिषद अधिकारियों की मिलीभगत से अस्पताल भवन का 70 फीसदी काम पूरा कर लिया गया है। पूर्व चेयरमैन भवानी प्रताप ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही निर्माण को रुकवाकर अवैध कब्जा नहीं छुड़वाया गया तो नगर परिषद के पांच पार्षद अपने पद से इस्तीफा देने पर मजबूर होंगे। विधायक को शिकायत सौंपने वालों में पूर्व चेयरमैन भवानी प्रताप, पूर्च चेयरमैन किशन वर्मा, रवींद्र, अजीत टीटी, कुलदीप तंवर, रणधीर तंवर, प्रवीण, हनी राजपूत, इंद्रपाल सिंह नंबरदार कालू, हिमांशु तंवर, ललित चौहान, सुनील प्रधान आदि शामिल थे।