जूई। जूई खुर्द की धर्मशाला में जूई खुर्द व जूई बिचली के ग्रामीणों की चकबंदी के लिए ईश्वर सिंह नंबरदार की अध्यक्षता में पंचायत हुई। इसमें जूई बिचली सरपंच प्रतिनिधि अवन लाम्बा, जुई खुर्द सरपंच प्रतिनिधि सुरेन्द्र रापड़िया, बाबा मुंगीपा शिव टेक डीपीजी कंपनी, चकबंदी गिरदावर प्रदीप कुमार, पटवारी कृष्ण कुमार सहित दोनों गांवों के पंचायत सेक्रेटरी ने शिरकत की।
बैठक में जयप्रकाश सेठी, राजेन्द्र गांधी ने सभी ग्रामीणों की सहमति से प्रशासन, मशीन मालिक व राशि एकत्रित करने वाली कमेटी की लिखित कार्रवाई को अंजाम दिया। चकबंदी करने वाले मशीन मालिक से रेट तय कर चकबंदी 21 मई सुबह सवा नौ बजे से शुरू करवाई जाएगी। चकबंदी कमेटी दोनों गांवों में प्रत्येक किसान के पास जाकर 20 मई तक एक हजार रुपये प्रति एकड़ इकट्ठा करना शुरू करेंगे।
चकबंदी करने वाली मशीन मालिक से हुआ करार
सरपंच प्रतिनिधि अवन लाम्बा व सुरेन्द्र रापड़िया ने बताया कि गांव में चकबंदी के लिए मशीनों के मालिकों से रेट तय करने का काम कमेटी ने फाइनल कर दिया है। गांव में उक्त राशि को इकट्ठा करने का काम भी कमेटी 13 मई से शुरू करेगी। सात सदस्यों की खजांची कमेटी भी नियुक्त कर दी गई है जो हर हिसाब-किताब को बैंक चेक से लेन देन करेगी। 21 मई को चकबंदी का काम शुरू करवाया जाएगा ताकि लोगों को होने वाली परेशानियों से बचाया जा सके।
53 साल बाद फिर से होगी चकबंदी
पंचायत में समजेश रापड़िया, भूपेंद्र शर्मा, राजेश श्योराण, रामचंद्र गिल, राजपाल यादव, बृजेश बीडीसी, महेंद्र शर्मा, कृष्ण शर्मा, मुख्तयार रापड़िया, राकेश बीडीसी, अशोक मास्टर, मोनू सांगवान ने बताया कि 1972 में जुई खुर्द व जुई बिचली का चकबंदी का कार्य पूरा हो गया था। लेकिन उस समय ग्रामीणों ने जमीन की कीमत के हिसाब से कम ज्यादा लगाने के विवाद के चलते कब्जे नही पकड़े। वर्तमान में गांवों के 80 प्रतिशत खेतों में जाने को रास्ते नहीं हैं। हर रोज लड़ाई होती रहती है। जमीन का रिकॉर्ड लेने पर पूरे ठोला की फर्द लेनी पड़ती है जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। साझे खाते होने के चलते एक आदमी मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर अधिकतर जमीन अपने नाम करवा लेता है दूसरे की सुनवाई नही होती। गांव का सारा विकास ठप पड़ा है। 53 साल के बाद अब दोबारा से चकबंदी का काम शुरू होगा। पंचायत में सभी औपचारिकता पूरी कर ली गई है।
21 मई से काम शुरू : वीरेंद्र
बाबा मुंगीपा शिवटेक डीपीजी मशीन मालिक वीरेंद्र पुनिया व कुलविंदर वर्मा ने बताया कि दोनों गांवों के लोगों के साथ कंपनी का करार हो गया है। जमीन के रिकॉर्ड मिल गया है। लाल पत्थर ग्रामीण लेकर आएंगे। 21 मई को सुबह यज्ञ हवन के साथ काम शुरू कर दिया जाएगा।
जूई खुर्द व बिचली की चकबंदी की सभी औपचारिकता पूरी : प्रदीप
चकबंदी गिरदावर प्रदीप कुमार ने बताया कि हमारी तरफ से सारी तैयारियां पूरी हैं। ग्रामीणों को सभी पहलुओं से अवगत करवा दिया गया है। कमेटी, मशीन मालिक, प्रशासन के बीच सभी पहलुओं पर सहमति बन गई है। 21 मई को काम शुरू सीमा निर्धारित करने का काम शुरू करवाया जाएगा।