भिवानी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा वोट चोरी के मामले में किए गए खुलासे के बाद प्रदेश में भाजपा विरोधी लहर और अधिक तेज हो गई है। इसी क्रम में बुधवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भिवानी शहर में कैंडल मार्च निकालकर विरोध जताया। कार्यकर्ता पुराना बस अड्डा पर एकत्रित हुए और क्राउन प्लाजा मॉल से होते हुए हांसी गेट तक कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान लोकतंत्र की रक्षा और निष्पक्ष मतदान की मांग को लेकर नारे लगाए गए।
कैंडल मार्च की अगुवाई कर रहे शहर कांग्रेस कमेटी (शहरी) के अध्यक्ष प्रदीप गुलिया जोगी ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष चौ. उदयभान, नेता प्रतिपक्ष चौ. भूपेंद्र सिंह हुड्डा और प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया पहले दिन से कह रहे हैं कि हरियाणा में भाजपा ने वोट चोरी कर सत्ता हथियाई थी। अब राहुल गांधी के खुलासे ने इस सच को सामने ला दिया है। उन्होंने बताया कि ब्राजील की एक मॉडल के हरियाणा की वोटर लिस्ट में दस बूथों पर अलग-अलग नामों से 22 मत बनाए गए। एक ही फोटो के साथ एक बूथ पर 223 वोट पंजीकृत हैं, जबकि एक घर में 501 वोट दर्ज किए गए हैं, जो कागजों में मौजूद है लेकिन धरातल पर नहीं। पूरे राज्य में एक लाख 24 हजार 177 फर्जी तस्वीरों वाले वोटर बनाए गए हैं। इसके अलावा हरियाणा और उत्तर प्रदेश दोनों जगह एक ही व्यक्ति के नाम पर वोट बने हैं, जिनमें भाजपा के कई नेता और कार्यकर्ता भी शामिल हैं। इससे भाजपा सरकार की पोल पूरी तरह खुल गई है।
प्रदीप गुलिया ने कहा कि वोट चोरी लोकतंत्र के साथ विश्वासघात है। राहुल गांधी के खुलासे से यह स्पष्ट हो गया है कि देश की आवाज दबाने की साजिश रची जा रही है, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता इसे कभी सहन नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि कैंडल मार्च का उद्देश्य जनता को जागरूक करना और लोकतंत्र में निष्पक्ष मतदान की रक्षा के लिए जनसमर्थन जुटाना है।
कैंडल मार्च में कांग्रेसजनों, पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और शहरवासियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया और लोकतंत्र की रक्षा के इस संकल्प को दोहराया। इस अवसर पर कमल प्रधान, एडवोकेट सत्यजीत पिलानिया, अशोक बुवानीवाला, रूपेंद्र ग्रेवाल, ईश्वर मान, अनूप बडेसरा सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।